Kanpur: सरसौल ब्लॉक में गंदगी का अंबार, ग्रामीण बोले- न कोई सफाईकर्मी आता है…न कोई अधिकारी, ये है मांग
Kanpur News: सरसौल ब्लॉक में फैली गंदगी स्वच्छ भारत अभियान को चुनौती दिखाई पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि न कोई सफाईकर्मी आता है और न कोई अधिकारी।
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कानपुर का सरसौल ब्लॉक प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत पर पलीता लगाने का उदाहरण है। सरसौल ब्लॉक के कुछ गांव जैसे तिलशहरी, बांबी, तुसौरा मंधना आदि के निवासी गंदगी, जलभराव और मच्छरों के आतंक के बीच नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
गौशाला कटरी के निवासी बताते हैं कि उनके घरों के सामने कीचड़ और गंदे पानी का जमाव महीनों से बना हुआ है। नालियों का अभाव और जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। डेंगू, मलेरिया और त्वचा रोग जैसी बीमारियों का खतरा हर घर में मंडरा रहा है।
ये है ग्रामीणों की व्यथा
तिलशहरी के ग्रामीण बताते है कि स्वच्छ भारत का सपना हमारे लिए सपना ही रह गया है। महिला सुशीला ने कहा कि यहां न कोई सफाईकर्मी आता है और न कोई अधिकारी। हम खुद ही झाड़ू लगाते हैं, लेकिन जलभराव की वजह से कुछ नहीं हो पाता।
विकास कार्य अधर में, प्रशासन मौन
गौशाला के ग्रामीण भोला निषाद, गजराज निषाद, शोभित आदि ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व मिट्टी की भराई कराई गई थी, लेकिन उसके बाद से कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ। न सड़क बनी, न नाली, न ही कोई सफाई अभियान चला। अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के समय दिखाई देते हैं।
ये हैं मुख्य समस्याएं
- घरों के सामने जलभराव और कीचड़।
- मच्छरों से बीमारियों का खतरा।
- वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं।
- स्वच्छता अभियान की अनदेखी।
स्वच्छता अभियान की साख पर सवाल
जहां एक ओर सरकार स्वच्छता को लेकर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं दूसरी ओर गौशाला जैसे मजरे आज भी बुनियादी सफाई सुविधाओं से वंचित हैं। यह न सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान की साख पर भी सवाल खड़े करता है।
ये हैं ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में सफाई अभियान चलाया जाए। जलनिकासी की व्यवस्था की जाए और सड़क व नाली निर्माण कराया जाए, ताकि वे भी स्वस्थ और स्वच्छ जीवन जी सकें।