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कानपुर: पांडु नदी उफनी, शहर के घर बने टापू, 15 परिवारों को नाव से निकालना पड़ा
Sun, 27 Sep 2026 07:49 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 27 Sep 2026 07:49 PM IST
सार
Kanpur News: पनकी से टिकरा तक बाढ़ का पानी आबादी में घुसा। सुंदर नगर में ढाई फीट तक जलभराव है। दक्षिण क्षेत्र में एनडीआरएफ में मोर्चा संभाला।
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जल स्तर बढ़ने से नदी किनारे के मकान डूबे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लगातार बारिश के बाद पांडु नदी एक बार फिर उफान पर है। नदी का बढ़ता पानी अब किनारे की आबादी के लिए आफत बन गया है। पनकी पनका से लेकर गोपालपुरम, मेहरबान सिंह का पुरवा और टिकरा तक कई इलाकों में पानी घरों और गलियों में पहुंच गया है। हालात यह हैं कि गोपालपुरम में जलभराव के बीच फंसे 30 परिवारों को एनडीआरएफ और पीएसी की टीम को नाव से निकालना पड़ा। वहीं सुंदर नगर में घरों के अंदर ढाई फीट तक पानी भरने से परिवारों को घर छोड़ने पड़े हैं।
पनकी पनका में मकानों के निचले तल तक पानी
तीन दिनों से जारी बारिश के बाद पनकी पनका गांव में पांडु नदी का जलस्तर रातोंरात बढ़ गया। नदी किनारे बने मकानों के निचले तल तक पानी पहुंच गया। नदी की ओर जाने वाला वैकल्पिक पुल भी लगभग डूब गया, जिसके बाद रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
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पनकी पनका में मकानों के निचले तल तक पानी
तीन दिनों से जारी बारिश के बाद पनकी पनका गांव में पांडु नदी का जलस्तर रातोंरात बढ़ गया। नदी किनारे बने मकानों के निचले तल तक पानी पहुंच गया। नदी की ओर जाने वाला वैकल्पिक पुल भी लगभग डूब गया, जिसके बाद रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
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भीषण जलभराव सड़क में भरे पानी से गुजरते लोग
- फोटो : अमर उजाला
सुंदर नगर में घर डूबे, सामान भी नहीं बचा
48 घंटे से अधिक हुई मूसलाधार बारिश ने सुंदर नगर कॉलोनी की व्यवस्था बिगाड़ दी। यहां नाले का पानी पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बैकफ्लो होकर कॉलोनी में घुस गया। कई घरों में दो से ढाई फीट पानी भर गया। रसोई, बेडरूम और घर में रखा सामान पानी में डूब गया। कई परिवार रिश्तेदारों के यहां जाने को मजबूर हुए। स्थानीय लोगों के मुताबिक 2018 के बाद पहली बार इतने खराब हालात बने हैं।
आवास विकास-3 में घुटनों से ऊपर पानी, बिजली के उपकरण डूबे
कल्याणपुर के आवास विकास-3 में भी जलनिकासी व्यवस्था जवाब दे गई। मुख्य सड़कों पर घुटनों से ऊपर पानी पहुंचने के बाद घरों में भी पानी घुस गया। फ्रिज, कूलर और वॉशिंग मशीन समेत बिजली के उपकरण पानी में डूब गए। करंट के खतरे से लोग दहशत में रहे। लोगों के विरोध के बाद पोकलेन और जेसीबी से नालों की सफाई शुरू कराई गई।
48 घंटे से अधिक हुई मूसलाधार बारिश ने सुंदर नगर कॉलोनी की व्यवस्था बिगाड़ दी। यहां नाले का पानी पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बैकफ्लो होकर कॉलोनी में घुस गया। कई घरों में दो से ढाई फीट पानी भर गया। रसोई, बेडरूम और घर में रखा सामान पानी में डूब गया। कई परिवार रिश्तेदारों के यहां जाने को मजबूर हुए। स्थानीय लोगों के मुताबिक 2018 के बाद पहली बार इतने खराब हालात बने हैं।
आवास विकास-3 में घुटनों से ऊपर पानी, बिजली के उपकरण डूबे
कल्याणपुर के आवास विकास-3 में भी जलनिकासी व्यवस्था जवाब दे गई। मुख्य सड़कों पर घुटनों से ऊपर पानी पहुंचने के बाद घरों में भी पानी घुस गया। फ्रिज, कूलर और वॉशिंग मशीन समेत बिजली के उपकरण पानी में डूब गए। करंट के खतरे से लोग दहशत में रहे। लोगों के विरोध के बाद पोकलेन और जेसीबी से नालों की सफाई शुरू कराई गई।
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घरों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
टिकरा की गलियों में भी बाढ़ का पानी
पांडु नदी का पानी टिकरा गांव के निचले इलाकों में भी घुस गया। शनिवार रात से गलियों और घरों के आसपास पानी भरना शुरू हुआ। कुछ स्थानों पर करीब एक फीट पानी है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
पांडु नदी का पानी टिकरा गांव के निचले इलाकों में भी घुस गया। शनिवार रात से गलियों और घरों के आसपास पानी भरना शुरू हुआ। कुछ स्थानों पर करीब एक फीट पानी है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
एनडीआरएफ में संभाला मोर्चा
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की अपील, लेकिन हालात लगातार बिगड़े
गोपालपुरम और मेहरबान सिंह का पुरवा में एनडीआरएफ व पीएसी ने मोर्चा संभालकर लोगों को निकालना शुरू किया। प्रशासन ने नदी और जलमग्न पुल की ओर न जाने की अपील की है। पुलिस और प्रशासन की टीमें निगरानी में जुटी हैं, लेकिन कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित कर दी है।
गोपालपुरम और मेहरबान सिंह का पुरवा में एनडीआरएफ व पीएसी ने मोर्चा संभालकर लोगों को निकालना शुरू किया। प्रशासन ने नदी और जलमग्न पुल की ओर न जाने की अपील की है। पुलिस और प्रशासन की टीमें निगरानी में जुटी हैं, लेकिन कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित कर दी है।