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Kanpur: चाची की मौत के बाद अंगूठे की छाप लेने लगे भतीजे, पोस्टमाॅर्टम के बाद शव लेने के लिए हुआ झगड़ा

Thu, 03 Apr 2025 12:27 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 03 Apr 2025 12:27 PM IST
सार

फतेहगढ़ जेल के पास रहने वाली वृद्धा की हैलट में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृत्यु के बाद भतीजे अस्पताल में अंगूठा लगवाने पहुंचे। पोस्टमाॅर्टम के बाद शव लेने के लिए झगड़ा हुआ। 

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Kanpur: Nephews started taking thumb impressions after aunt's death
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्रुखाबाद निवासी वृद्धा की मंगलवार रात हैलट में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही वृद्धा के भतीजे अस्पताल पहुंचे और मरने के बाद अंगूठे का निशान लेने लगे। अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। विवाद के बाद भतीजों ने निशान तो नहीं लिया लेकिन पोस्टमाॅर्टम के बाद शव को ले जाने की जिद शुरू कर दी। वहीं, बुजुर्ग की देखरेख करने वाले पड़ोसी युवक ने आपत्ति जता दी। हंगामे के बाद पुलिस ने शव भतीजों के हवाले कर दिया।
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फर्रुखाबाद में फतेहगढ़ जेल के पास रहने वाली मुन्नीदेवी (60) के पति रणवीर सिंह जेल में सिपाही थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। चार साल पहले उनके पति का निधन हो गया था। पड़ोस के हाथीखाना मुहल्ले में रहने वाले राकेश पाल ही मुन्नीदेवी की देखरेख करते थे। वह उसे अपने बेटे की तरह मानती थीं। उन्होंने दो माह पहले अपनी संपत्ति की वसीयत भी राकेश पाल को कर दी थी। पिछले माह तबीयत खराब होने के चलते राकेश ने उन्हें हैलट में भर्ती कराया था जहां आईसीयू में उपचार के दौरान मुन्नीदेवी की मंगलवार देर रात मौत हो गई।
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मुन्नी देवी की मौत की जानकारी जब उनके भतीजे प्रेमपाल सिंह चौहान और धर्मवीर सिंह को मिली तो वह कागजात लेकर हैलट पहुंचे। वहां उन्होंने मुन्नीदेवी का अंगूठा लगवाने का प्रयास किया। वार्ड बॉय और कर्मचारियों ने चौकी पुलिस को सूचना दी तो उन्होंने अपनी गलती मानी। इसके बाद बुधवार को पोस्टमाॅर्टम के बाद भतीजों ने शव ले जाने को कहा तो राकेश पाल ने आपत्ति जताई। कहा कि मुन्नी देवी की तबीयत खराब होने के बाद कोई उनका हालचाल लेने तक नहीं आया। अब संपत्ति की बात सामने आई तो वह शव ले जाना चाहते थे। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने शव भतीजों के सुपुर्द कर दिया। चौकी प्रभारी इंदुकांत पांडेय ने बताया कि दोनों भतीजों ने अपनी गलती मान ली थी जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।
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