ट्रैक्टर चालक की हत्या: पुलिस तेजी दिखाती तो बच सकती थी जान, परिजनों ने पुलिस को दे दी थी अपहरण की सूचना
Kanpur News: पुलिस के अनुसार इरफान ने भाइयों व आधा दर्जन लोगों के साथ मिलकर बुधवार रात नौ बजे विमल का मौरंग मंडी से अपहरण कर लिया। नजदीक लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी अपहरण के बाद विमल को सफेद कार से ले जाते कैद हो गए।
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कानपुर में सेन पश्चिम पारा पुलिस तेजी दिखाती, तो ट्रैक्टर चालक विमल गौतम की जान बच सकती थी। बुधवार की रात करीब साढ़े नौ बजे अपहरण की घटना होने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी थी, लेकिन रिपोर्ट अगले दिन दर्ज हुई। घरवालों का आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसका नतीजा है कि उनकी हत्या कर दी गई। डीसीपी दीनेंद्र नाथ चौधरी ने कहा कि पुलिस की कोई लापरवाही नहीं है। सूचना के बाद से ही टीमें चालक की तलाश में जुट गई थीं।
मुख्य हत्यारोपी को उठाया, नहीं दिखाई गिरफ्तारी
पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी इरफान को इटावा से उठा लिया है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं दिखाई है। उसकी सफेद कार भी इटावा से मिली है। वहीं, थाना प्रभारी कहना है कि कार इरफान के रमईपुर स्थित घर से मिली है। पूछताछ चल रही है।
जेसीपी की कार के आगे खड़े होकर लगाई गुहार
जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर आशुतोष कुमार सेन पश्चिम पारा थाने पहुंचे। मृतक की पत्नी विटान जेसीपी की गाड़ी के सामने खड़ी होकर न्याय की गुहार लगाते हुए हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करती रही। एडीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारी ने उनको समझाबुझा कर शांत कराया।
एक सप्ताह से बिनगवां में दिख रहा था इरफान
पुलिस की जांच में सामने आया कि खागल पासवान और विमल से विवाद के बाद इरफान बिनगवां गांव छोड़कर रमईपुर में शटरिंग का काम करने लगा। बिनगवां में शटरिंग का काम मिलने से वह पिछले एक सप्ताह से गांव में नजर आ रहा था। विमल के बेटे दिव्यांशु ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर इरफान पिता की रेकी कर रहा था। हत्याकांड में गांव के अन्य लोग भी शामिल हैं।