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कानपुर: ट्रैक पर पहली बार आई मेट्रो ट्रेन, डिपो से विश्वविद्यालय तक हुई टेस्टिंग
Sat, 30 Oct 2021 09:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 30 Oct 2021 09:01 PM IST
सार
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मेट्रो का रिसीविंग विद्युत सब स्टेशन चालू न होने के कारण यूपीएमआरसी केस्को से मिल रही बिजली (एसी करंट) को डीसी में कन्वर्ट कर मेट्रो की टेस्टिंग कर रहा है। इसके लिए मेन ट्रैक की थर्ड रेल (टीसी) में भी डीसी करंट दौड़ाया गया।
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ट्रैक पर पहली बार आई मेट्रो ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में शनिवार शाम के पांच बजे होंगे। तभी जीटी रोड से गुजर रहे लोगों को गीता नगर स्टेशन के पास ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन की पहली झलक दिखाई दी। फिर क्या, जो जहां था रुक गया और पहली बार असल ट्रैक पर आई मेट्रो ट्रेन को निहारने लगा।
फोटो खींचे, वीडियो बनाए। विकास के पथ पर मेट्रो के रूप में आगे बढ़ते कानपुर को देखकर खुशी भी जाहिर की। गुरुदेव चौराहे के पास मेट्रो डिपो के वर्कशाप में कई टेस्ट के बाद पहली मेट्रो ट्रेन (प्रोटोटाइप ट्रेन) को रैंप पर चढ़ाकर मुख्य ट्रैक पर गीता नगर स्टेशन के पास क्रासओवर पर लाया गया।
इसके बाद तीन किमी दूर स्थित यूनिवर्सिटी स्टेशन तक गई और वापस आई। इस तरह कुल छह किमी का ट्रायल किया गया। परीक्षण के लिए कई सेंसर भी लगाए गए हैं। पहले ट्रायल गुरुवार को होना था, लेकिन कुछ कारणों की वजह से शुक्रवार को और फिर शनिवार को ट्रायल करना तय हुआ।
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फोटो खींचे, वीडियो बनाए। विकास के पथ पर मेट्रो के रूप में आगे बढ़ते कानपुर को देखकर खुशी भी जाहिर की। गुरुदेव चौराहे के पास मेट्रो डिपो के वर्कशाप में कई टेस्ट के बाद पहली मेट्रो ट्रेन (प्रोटोटाइप ट्रेन) को रैंप पर चढ़ाकर मुख्य ट्रैक पर गीता नगर स्टेशन के पास क्रासओवर पर लाया गया।
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इसके बाद तीन किमी दूर स्थित यूनिवर्सिटी स्टेशन तक गई और वापस आई। इस तरह कुल छह किमी का ट्रायल किया गया। परीक्षण के लिए कई सेंसर भी लगाए गए हैं। पहले ट्रायल गुरुवार को होना था, लेकिन कुछ कारणों की वजह से शुक्रवार को और फिर शनिवार को ट्रायल करना तय हुआ।
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डीसी करंट पर हुआ ट्रायल
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मेट्रो का रिसीविंग विद्युत सब स्टेशन चालू न होने के कारण यूपीएमआरसी केस्को से मिल रही बिजली (एसी करंट) को डीसी में कन्वर्ट कर मेट्रो की टेस्टिंग कर रहा है। इसके लिए मेन ट्रैक की थर्ड रेल (टीसी) में भी डीसी करंट दौड़ाया गया।
खास बातें
- 05 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से किया गया ट्रायल
- 06 किलोमीटर ट्रायल के दौरान चली पहली मेट्रो ट्रेन
- 650 किलोमीटर लंबे डिपो में बने ट्रैक पर 15 किमी की रफ्तार से हो चुकी है टेस्टिंग
- 09 किलोमीटर का मेट्रो ट्रैक आईआईटी से मोतीझील के बीच है तैयार
- 03 कोच की है गुजरात के सांवली प्लांट से आई मेट्रो ट्रेन
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मेट्रो का रिसीविंग विद्युत सब स्टेशन चालू न होने के कारण यूपीएमआरसी केस्को से मिल रही बिजली (एसी करंट) को डीसी में कन्वर्ट कर मेट्रो की टेस्टिंग कर रहा है। इसके लिए मेन ट्रैक की थर्ड रेल (टीसी) में भी डीसी करंट दौड़ाया गया।
खास बातें
- 05 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से किया गया ट्रायल
- 06 किलोमीटर ट्रायल के दौरान चली पहली मेट्रो ट्रेन
- 650 किलोमीटर लंबे डिपो में बने ट्रैक पर 15 किमी की रफ्तार से हो चुकी है टेस्टिंग
- 09 किलोमीटर का मेट्रो ट्रैक आईआईटी से मोतीझील के बीच है तैयार
- 03 कोच की है गुजरात के सांवली प्लांट से आई मेट्रो ट्रेन