Kanpur: मर्चेंट्स चैंबर की कार्यशाला, वक्ता बोले- ट्रंप के टैरिफ शुल्क से वैश्विक व्यापार संतुलन हुआ प्रभावित
Kanpur News: कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि ट्रंप की शुल्क नीति ने भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा घटाई है, लेकिन भारत अपने हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों की संभावना जताई।
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कानपुर में मर्चेंट्स चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश की फिस्कल कमेटी की ओर से शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित हॉल में ट्रंप की शुल्क नीति के प्रभाव पर भारत का दृष्टिकोण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत अपने हितों के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रंप के टैरिफ वार का असर से उत्पादों में प्रतिस्पर्धा घटी है। आगे स्थितियां और स्पष्ट हो सकेंगी।
मुख्य वक्ता, आईआईटी के प्रो. विमल कुमार ने कहा कि अमेरिका फर्स्ट नीति और शुल्कों में वृद्धि के कारण वैश्विक व्यापार संतुलन प्रभावित हुआ है। भारत पर भी आर्थिक असर पड़ा है। विशेष रूप से कपड़ा, रत्न और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के निर्यात में प्रतिस्पर्धा घटी है। हालांकि, चीन और मैक्सिको जैसे देशों पर अमेरिकी शुल्कों के चलते भारत को फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अवसर मिल सकते हैं।
भारत को अपनानी होगी संतुलित रणनीति
ट्रेड वार्ता में अमेरिका जहां कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंच चाहता है। वहीं भारत श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे चमड़ा, टेक्सटाइल के हितों की सुरक्षा चाहता है। भारत को ब्रिक्स और अमेरिका के साथ संतुलित रणनीति अपनानी होगी। इस मौके पर सीए शिवांश मेहरा, अतुल कानोडिया, अनिल के सक्सेना, बीके लाहोटी, सुधींद्र जैन, अतुल मेहरोत्रा, मुकुल टंडन, मनु अग्रवाल, राजेश मेहरा, राहुल चंद्रा आदि थे।