एक शपथ ऐसी भी ‘न जीने दूंगी न मरने दूंगी, मेरे साथ काम करना ही पड़ेगा’
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पहली बैठक में दिखाए तेवर
महापौर प्रमिला पांडेय ने मंगलवार को शपथ लेते ही अफसरों के साथ पहली बैठक में तेवर दिखाए। दो टूक कहा ‘न जीने दूंगी न मरने दूंगी, आपको मेरे साथ काम करना ही पड़ेगा क्योंकि मैं भी काम करूंगी। शहर की सबसे बड़ी समस्या गंदगी है। हमारा काम शहर स्वच्छ, स्वस्थ हो। मैं प्रत्येक वार्ड में डेली एक घंटा पदयात्रा करूंगी।’
हल्की-फुल्की शिकायतों पर ध्यान नहीं देंगी, पर...
नगर निगम समिति कक्ष में अफसरों से औपचारिक मुलाकात में महापौर ने नगर आयुक्त सहित सभी अधिकारियों से कहा कि उनसे अधिकारियों को कोई कष्ट नहीं होगा। उन्हें काम चाहिए और कुछ नहीं। कोई भी अधिकारी उनसे सीधे बात कर सकता है। वह कार्यकर्ताओं की हल्की-फुल्की शिकायतों पर ध्यान नहीं देंगी, पर यदि सबूत सहित कोई गड़बड़ी पता चली तो किसी की सिफारिश नहीं मानूंगी। अफसरों से कहा कि काम बहुत नहीं है। कार्य करने की शक्ति, लगन होनी चाहिए। नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए। बताया कि वे सरकारी बकायेदारों से वसूली के लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगी।
शहर का गौरव वापस लेना चाहती हैं