कानपुर: ‘14 शिकायतें...दो मौतें', प्लेन क्रैश मामले में बड़ी कार्रवाई, गर्ग एविएशन की उड़ानों और संचालन पर रोक
Kanpur News: गर्ग एविएशन प्लेन क्रैश मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। सुरक्षा नियमों की लगातार धज्जियां उड़ाने और नियामक शर्तों का पालन न करने पर गर्ग एविएशन के सभी तरह के संचालन और उड़ानों पर अगले आदेश तक पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
विस्तार
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कानपुर स्थित गर्ग एविएशन के संचालन पर रोक लगा दी है। मंत्रालय ने इस फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) का काम अगले आदेश तक रोक दिया है यानी अब कोई उड़ान और संचालन नहीं हो सकेगा। 27 अगस्त को गर्ग एविएशन का प्रशिक्षण विमान उड़ान के 20 मिनट बाद ही गंगा बैराज के पास स्थित नत्थापुरवा गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
पायलट सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई थी। डीजीसीए दिल्ली, लखनऊ की टीमों ने कई दिनों तक जांच-पड़ताल की थी। सुरक्षा नियमों को तोड़ने और नियामक शर्तों का पालन न करने पर कार्रवाई की गई है। गर्ग एविएशन के सेफ्टी मैनेजर राजीव भल्ला का कहना है कि तकनीक ऑडिट की प्रक्रिया पूरी होने तक उड़ानों पर रोक लगाई गई है।
शिकायतों के आधार पर हुई है कार्रवाई
गर्ग एविएशन फ्लाइट स्कूल में सुरक्षा नियमों को तोड़ने और नियामक शर्तों का पालन न करने के आरोप लगे थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई हुई। सूत्रों ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री और नागरिक उड्डयन सचिव को पत्र लिखा था। पत्र में एसोसिएशन ने गर्ग एविएशन के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कराने की मांग की थी।
नियमों का पालन न करने के आरोप
एसोसिएशन ने कहा कि उसने 2024 से डीजीसीए को 14 शिकायतें दी थीं। इन शिकायतों में उल्लंघन और नियमों का पालन न करने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में कहा गया कि प्रशिक्षण उड़ानें करीब 2500 से 3000 मीटर की दृश्यता में चलाई गईं, जबकि नियम के अनुसार न्यूनतम 5000 मीटर होनी चाहिए। एक और आरोप यह था कि गर्ग एविएशन के प्रशिक्षण विमान अनिवार्य मोड ए/सी ट्रांसपोंडर के बिना उड़ाए जा रहे थे।
पत्र में कहा गया- गर्ग एविएशन का ऑडिट होना चाहिए
यह उपकरण एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क के लिए जरूरी माना जाता है। इसी आधार पर एसोसिएशन ने गर्ग एविएशन के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की। उसने डीजीसीए से यह भी जांच करने को कहा कि संचार व्यवस्था, सीसीटीवी, ट्रांसपोंडर और हवाई क्षेत्र की मंजूरी से जुड़े नियम पूरे हो रहे हैं या नहीं। यह भी देखने को कहा गया कि कानपुर हवाई अड्डे का रनवे पायलट प्रशिक्षण के लिए ठीक है या नहीं। पत्र में कहा गया है कि इन आरोपों और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए गर्ग एविएशन का ऑडिट होना चाहिए।
शिकायतों में ये लगाए गए हैं आरोप
- कम दृश्यता वाले मौसम में उड़ानें भरवाना।
- विमानों को अनिवार्य ट्रांसपोंडर के बिना उड़ाना।
- सीसीटीवी निगरानी पर्याप्त न होना।
- हवाई अड्डे के रनवे की प्रशिक्षण के लिए उपयुक्तता पर सवाल।