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Kanpur: सजा के डर से हत्यारोपी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजनों में मचा कोहराम
Sun, 04 Sep 2022 03:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Sep 2022 03:53 PM IST
सार
यूपी के कानपुर में जमानत पर चल रहे हत्यारोपी ने सजा के डर से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कानपुर के हनुमंत विहार में जमानत पर चल रहे हत्यारोपी ने सजा के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। हनुमंत विहार निवासी 51 वर्षीय रामबाबू सिंह परचून दुकानदार है। परिवार में पत्नी मीरा और दो बेटे श्यामू व रामू हैं।
परिजनों ने बताया कि रामबाबू के खिलाफ 2003 में बिधनू थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें चार आरोपियों को सेशन कोर्ट कानपुर नगर से सजा हो गई थी। वह अपील पर जेल से बाहर थे। तीन माह पहले हाईकोर्ट में पुनः फाइल खुलने का कागज आया था।
12 सितंबर को उनके केस में सुनवाई थी। जिस कारण रामबाबू डिप्रेशन में चल रहे थे। शनिवार रात को उन्होंने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा ने बताया कि मृतक एक हत्या के मामले में आरोपी था। मामले की फाइल हाईकोर्ट में पुनः खुलने के कारण सजा के डर से उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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परिजनों ने बताया कि रामबाबू के खिलाफ 2003 में बिधनू थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें चार आरोपियों को सेशन कोर्ट कानपुर नगर से सजा हो गई थी। वह अपील पर जेल से बाहर थे। तीन माह पहले हाईकोर्ट में पुनः फाइल खुलने का कागज आया था।
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12 सितंबर को उनके केस में सुनवाई थी। जिस कारण रामबाबू डिप्रेशन में चल रहे थे। शनिवार रात को उन्होंने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा ने बताया कि मृतक एक हत्या के मामले में आरोपी था। मामले की फाइल हाईकोर्ट में पुनः खुलने के कारण सजा के डर से उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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