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कानपुर: केडीए के प्रवर्तन दस्ते पर हमला-पथराव, लेखपाल का सिर फटा, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 12 Apr 2022 12:07 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 12 Apr 2022 12:07 AM IST
सार

डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि भूमाफिया के तौर पर आरोपियों को चिह्नित कर टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही एडीएम एफआर के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासन और केडीए की संयुक्त टीम सीलिंग वाली जमीन पर हुए अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए लगाई जाएगी।

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Kanpur: KDA's enforcement squad attacked-stone pelted
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिधनू में पहाड़पुर बिगवां इलाके में बिना पुलिस को सूचना दिए सोमवार शाम अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे केडीए के प्रवर्तन दस्ते पर भीड़ ने हमला कर दिया। लाठी-डंडे और फावड़े चलाने के साथ जमकर पथराव किया। जिसमें एक लेखपाल का सिर फट गया। अन्य कई को हल्की चोटें आईं। पुलिस ने घायल लेखपाल को अस्पताल में भर्ती कराया।
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रियल एस्टेट कंपनी के निदेशकों समेत 40 हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। लेखपाल सुजीत कुमार कुशवाहा ने बताया कि पहाड़पुर बिनगवां गांव में बीएसीएल कंपनी प्रॉपर्टी का काम कर रही है। किसानों से जो जमीन खरीदी है, उसके पास की सरकारी जमीन पर भी कंपनी ने कब्जा कर रखा है।
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सोमवार को लेखपाल के साथ केडीए का प्रवर्तन दस्ता कार्रवाई के लिए पहुंचा। कार्रवाई की आहट पाकर कंपनी के निदेशक, कर्मचारी व उनके साथी सक्रिय हो गए और टीम पर हमला कर दिया। जिसमें लेखपाल सुजीत फंस गए। हमलावरों ने उनके सिर पर वार कर दिया। बड़ी मुश्किल से वह बचकर भागे।
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पुलिस को क्यों नहीं दी सूचना
इस तरह की कार्रवाई के लिए केडीए की टीम के साथ पुलिस की टीम भी मौजूद रहती है। मगर इस मामले में पुलिस को सूचना ही नहीं दी। बिधनू एसओ अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि कार्रवाई के बारे में स्थानीय पुलिस को केडीए या प्रशासन की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। अगर जानकारी होती तो फोर्स साथ में भेजा जाता। जिससे इस तरह की वारदात न होती।

एक तथ्य ये भी सामने आया 
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने किसानों की जमीनें खरीदी हैं। उसी में से कुछ जमीन सरकारी बताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में लेखपाल या अन्य किसी ने पुलिस को दस्तावेज नहीं सौंपे हैं। थानेदार का कहना है कि आगे की जांच में सभी तथ्य स्पष्ट होंगे। जल्द ही संबंधित विभाग से जमीन के दस्तावेज मांगे जाएंगे।

इन पर दर्ज हुई एफआईआर, आरोपी फरार 
पुलिस ने कंपनी के निदेशक बृजेंद्र सिंह चौहान, इंद्रेश सिंह चौहान व कर्मचारी प्रदीप सचान, राकेश प्रजापति, गौरव गुप्ता व अन्य अज्ञात करीब 40 लोगों पर हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा, बलवा समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी फरार हैं। तलाश जारी है।

विशेष अभियान चलाकर गिराएंगे अवैध निर्माण
डीएम नेहा शर्मा ने कहा कि भूमाफिया के तौर पर आरोपियों को चिह्नित कर टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही एडीएम एफआर के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासन और केडीए की संयुक्त टीम सीलिंग वाली जमीन पर हुए अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए लगाई जाएगी।
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