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कानपुर: जूनियर डॉक्टरों ने फिर शुरू की हड़ताल, पर्चे बनते रहे, ओपीडी और वार्डों में काम नहीं किया
Sun, 19 Dec 2021 04:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 19 Dec 2021 04:58 PM IST
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हैलट अस्पताल
- फोटो : सोशल मीडिया
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नीट पीजी-2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने फिर से हड़ताल शुरू कर दी है। देशव्यापी आंदोलन का जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर भी समर्थन कर रहे हैं। छह दिन के लिए डॉक्टरों ने हड़ताल स्थगित कर दी थी।
मांग पूरी न होने पर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को नोटिस देकर शनिवार से हड़ताल शुरू कर दी। जेआर ने इमरजेंसी में तो काम किया लेकिन ओपीडी और वार्डों में कार्य बहिष्कार रखा। हैलट इमरजेंसी के सामने जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर बैठे रहे।
हालांकि ओपीडी पर्चा बंद न कराने से रोगियों को दिक्कत नहीं हुई। रूटीन में परचा बनवाकर रोगियों ने ओपीडी में कंसल्टेंट को दिखाया। जूनियर डॉक्टरों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक शनिवार से ओपीडी, वार्डों में काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि इमरजेंसी में काम करते रहेंगे। शनिवार शाम तक हैलट इमरजेंसी में 65 रोगियों को भर्ती किया गया।
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गंभीर रोगियों को इमरजेंसी में लगातार देखा जाता रहा है। जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि रेजीडेंट डॉक्टरों के राष्ट्रीय संगठन की कॉल पर राज्य के और भी मेडिकल कालेजों में हड़ताल चल रही है। उनका कहना है कि जेआर-1 का पूरा बैच खाली है। उन्हें जेआर वन और टू दोनों का काम करना पड़ रहा है। जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता आंदोलन जारी रहेगी।
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मांग पूरी न होने पर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को नोटिस देकर शनिवार से हड़ताल शुरू कर दी। जेआर ने इमरजेंसी में तो काम किया लेकिन ओपीडी और वार्डों में कार्य बहिष्कार रखा। हैलट इमरजेंसी के सामने जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर बैठे रहे।
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हालांकि ओपीडी पर्चा बंद न कराने से रोगियों को दिक्कत नहीं हुई। रूटीन में परचा बनवाकर रोगियों ने ओपीडी में कंसल्टेंट को दिखाया। जूनियर डॉक्टरों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक शनिवार से ओपीडी, वार्डों में काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि इमरजेंसी में काम करते रहेंगे। शनिवार शाम तक हैलट इमरजेंसी में 65 रोगियों को भर्ती किया गया।
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गंभीर रोगियों को इमरजेंसी में लगातार देखा जाता रहा है। जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि रेजीडेंट डॉक्टरों के राष्ट्रीय संगठन की कॉल पर राज्य के और भी मेडिकल कालेजों में हड़ताल चल रही है। उनका कहना है कि जेआर-1 का पूरा बैच खाली है। उन्हें जेआर वन और टू दोनों का काम करना पड़ रहा है। जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता आंदोलन जारी रहेगी।