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कानपुर: दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति, सास व ससुर को काटनी होगी सात-सात साल की कैद

Sat, 03 Oct 2026 07:46 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Sat, 03 Oct 2026 07:46 PM IST
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Kanpur: Husband, mother-in-law, and father-in-law to serve seven years in prison for murdering wife over dowry
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
दहेज के लिए शादी के सवा साल बाद ही पत्नी की हत्या कर देने वाले पति, सास व ससुर को फास्ट ट्रैक कोर्ट 41 के न्यायाधीश राकेश सिंह ने सात-सात साल कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी धनराशि वादी मुकदमा को दी जाएगी। वीरेंद्र कुमार निषाद की भांजी प्रिया का विवाह 11 मार्च 2019 को छावनी के मैकूपुरवा निवासी संजय के साथ हुआ था।
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विवाह के तीन माह बाद से ही पति संजय व ससुरालीजन दहेज में तीन लाख रुपये व कार की मांग को लेकर प्रिया को प्रताड़ित करते थे। 26 जून 2020 को प्रिया ने फोन कर ससुरालवालों द्वारा मारपीट करने की बात घर पर बताई और अगले ही दिन प्रिया की मौत की सूचना मायकेवालों को मिली। प्रिया के मामा वीरेंद्र ने पति संजय, सास गोमती, ससुर रामपाल व दो जेठ के खिलाफ छावनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद संजय, रामपाल व गोमती के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी मानकर सजा सुनाई।
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73 साल के ससुर, 63 साल की सास गई जेल
प्रिया अपने पति संजय के साथ गुड़गांव में रह रही थी। घटना के 15 दिन पहले ही दोनों कानपुर आए थे। संजय के पिता की उम्र लगभग 73 वर्ष और मां की 63 वर्ष है। गोमती संजय की सौतेली मां है। सास-ससुर की वृद्धावस्था का देखते हुए सजा पर रहम बरता जाना चाहिए। वहीं एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे की ओर से तर्क रखा गया कि शादी के सवा साल में ही युवती की हत्या कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान उसके अक्सादग्रस्त होने की झूठी कहानी रचकर उसके चरित्र पर दाग लगाने की कोशिश की गई इसलिए तीनों दया के हकदार नहीं हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों को सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
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