{"_id":"6a84a324ad1d4c7ca902d41e","slug":"kanpur-half-of-a-100-year-old-house-collapses-due-to-monkeys-antics-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: बंदरों की उछलकूद से 100 साल पुराने मकान का आधा हिस्सा गिरा, छह लोगों ने भागकर बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: बंदरों की उछलकूद से 100 साल पुराने मकान का आधा हिस्सा गिरा, छह लोगों ने भागकर बचाई जान
Tue, 18 Aug 2026 11:55 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
घनी आबादी वाले बंगाली मोहाल में बंदरों की उछलकूद के कारण सोमवार देर रात व्यापारी का 100 साल पुराना तीन मंजिला मकान का आधा हिस्सा भरभराकर ढह गया। छह लोगों ने भागकर जान बचाई। फिलहाल मलबा फैलने से गली का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
कोतवाली अंतर्गत बंगाली मोहाल में गोल कमरे के सामने निवासी वेद प्रकाश मिश्रा पानी के गैलेन की सप्लाई काम करते हैं। उन्होंने बताया कि तीन मंजिला मकान में वह पत्नी कोमल, मां मीरा, पिता श्रीप्रकाश, ताऊ पंकज और ताई शशी रहते हैं। बताया कि वर्षों पुराना मकान कुछ जर्जर हालत में है। सोमवार सुबह से हुई बारिश के बाद भवन की स्थिति और खराब हो गई। रात करीब 09:30 बजे वह लोग घर पर ही थे तभी 40-50 बंदरों का झुंड छज्जे पर पहुंचकर उत्पात मचाने लगा।
इससे छज्जा तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर गया। इस हादसे के बाहर घर की दीवारें चिटक गईं। वह लोग गृहस्थी का सामान निकालने का प्रयास कर रहे थे। तभी करीब 12 बजे के आसपास मकान का आधा हिस्सा तेज आवाज के साथ भरभरा गिर गया। कुछ देर के लिए वहां पर धूल की परत छा गई। पीड़ित के अनुसार, मकान के अंदर करीब छह फीट ऊंची देवी मां की मूर्ति स्थापित है, उनकी वजह से जान बच सकी। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली और नगर निगम को सूचना दी। आसपास रहने वाले लोगों ने घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 14 अगस्त की सुबह बंगाली मोहाल में एक धर्मशाला के जर्जर हिस्सा गिर गया था जिससे दो स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली अंतर्गत बंगाली मोहाल में गोल कमरे के सामने निवासी वेद प्रकाश मिश्रा पानी के गैलेन की सप्लाई काम करते हैं। उन्होंने बताया कि तीन मंजिला मकान में वह पत्नी कोमल, मां मीरा, पिता श्रीप्रकाश, ताऊ पंकज और ताई शशी रहते हैं। बताया कि वर्षों पुराना मकान कुछ जर्जर हालत में है। सोमवार सुबह से हुई बारिश के बाद भवन की स्थिति और खराब हो गई। रात करीब 09:30 बजे वह लोग घर पर ही थे तभी 40-50 बंदरों का झुंड छज्जे पर पहुंचकर उत्पात मचाने लगा।
विज्ञापन
इससे छज्जा तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर गया। इस हादसे के बाहर घर की दीवारें चिटक गईं। वह लोग गृहस्थी का सामान निकालने का प्रयास कर रहे थे। तभी करीब 12 बजे के आसपास मकान का आधा हिस्सा तेज आवाज के साथ भरभरा गिर गया। कुछ देर के लिए वहां पर धूल की परत छा गई। पीड़ित के अनुसार, मकान के अंदर करीब छह फीट ऊंची देवी मां की मूर्ति स्थापित है, उनकी वजह से जान बच सकी। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली और नगर निगम को सूचना दी। आसपास रहने वाले लोगों ने घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 14 अगस्त की सुबह बंगाली मोहाल में एक धर्मशाला के जर्जर हिस्सा गिर गया था जिससे दो स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं थीं।
विज्ञापन