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कानपुर: बीएनडी कॉलेज के प्राचार्य पर तीन लाख की धोखाधड़ी की प्राथमिकी, ये भी लगे आरोप
Thu, 22 Oct 2026 10:13 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 22 Oct 2026 10:13 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
मॉलरोड स्थित बीएनडी कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ तीन लाख रुपये की धोखाधड़ी और धमकाने की प्राथमिकी बुधवार को छावनी थाने में दर्ज की गई। बर्रा निवासी शशांक शुक्ला का आरोप है कि स्थायी नौकरी के नाम पर वर्ष 2013 में उनसे रुपये लिए गए, लेकिन नियुक्ति नहीं मिली। रुपये मांगने पर धमकी दी जा रही है। वहीं, प्राचार्य ने लेनदेन से इन्कार करते हुए आरोपों को गलत बताया।
शशांक ने बताया कि वह वर्ष 2007 से कॉलेज में अस्थायी कंप्यूटर ऑपरेटर थे। आरोप है कि प्राचार्य ने तीन लाख रुपये लेकर नौकरी किसी अन्य को दिला दी और बाद में समायोजन का आश्वासन दिया। वर्ष 2024 में दोबारा नियुक्ति के लिए 22 लाख रुपये मांगे गए, जिसे देने में उन्होंने असमर्थता जताई। रुपये मांगने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। उन्होंने बातचीत का ऑडियो पुलिस को सौंपा और नौकरी छोड़ दी।
शशांक ने मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद 29 सितंबर को डीजीपी से मुलाकात की। सीपी के निर्देश पर डीसीपी पूर्वी की जांच के बाद बुधवार को प्राथमिकी की गई। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के अनुसार, दोनों पक्ष पहले भी एक-दूसरे पर आरोप लगा चुके हैं। डीसीपी के आदेश पर जांच जारी है।
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शशांक ने बताया कि वह वर्ष 2007 से कॉलेज में अस्थायी कंप्यूटर ऑपरेटर थे। आरोप है कि प्राचार्य ने तीन लाख रुपये लेकर नौकरी किसी अन्य को दिला दी और बाद में समायोजन का आश्वासन दिया। वर्ष 2024 में दोबारा नियुक्ति के लिए 22 लाख रुपये मांगे गए, जिसे देने में उन्होंने असमर्थता जताई। रुपये मांगने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। उन्होंने बातचीत का ऑडियो पुलिस को सौंपा और नौकरी छोड़ दी।
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शशांक ने मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद 29 सितंबर को डीजीपी से मुलाकात की। सीपी के निर्देश पर डीसीपी पूर्वी की जांच के बाद बुधवार को प्राथमिकी की गई। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के अनुसार, दोनों पक्ष पहले भी एक-दूसरे पर आरोप लगा चुके हैं। डीसीपी के आदेश पर जांच जारी है।
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