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Kanpur: दिल्ली में तैनात आईएएस के पिता से हुई 6.12 लाख की ठगी, पनकी पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
Fri, 24 Apr 2026 10:51 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Fri, 24 Apr 2026 10:51 PM IST
सार
Kanpur News: बुजुर्ग नौबस्ता क्षेत्र में रह रहे हैं। वारदात में चार से पांच लोगों के शामिल होने की आशंका है। सभी की तलाश की जारी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली में तैनात आईएएस राजीव सिंह के पिता पारस नाथ सिंह से 6.12 लाख की ठगी हुई है। उन्होंने तीन दिन पहले पुलिस से शिकायत की थी। नौबस्ता पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन शुक्रवार को आरोपियों का एक साथी पनकी थाने में बैंक खाता बंद होने की शिकायत लेकर पहुंच गया। पुलिस ने जांच की तो उसमें ठगी की रकम ट्रांसफर मिली। पूछताछ में उसने आरोपियों का नाम बता दिया। पुलिस ने तीन को हिरासत में लिया है, जबकि दो की तलाश जारी है।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि नौबस्ता क्षेत्र में हुई ठगी को पनकी पुलिस सुलझाने के बिलकुल नजदीक है। घटना में शामिल तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। अन्य की तलाश में टीमें लगी हुई हैं। नौबस्ता निवासी पारस नाथ सिंह के दो बेटों में से एक दूसरे आईएएस अधिकारी और दूसरे आरबीआई अफसर हैं। उन्होंने पिता की देखरेख के लिए प्रियांशु नाम के युवक को रखा था। वह किसी कारण से काम छोड़कर चला गया। उसने फतेहपुर निवासी दोस्त राज ठाकुर को काम पर रखवा दिया। राज ठाकुर की दोस्ती पनकी के विशाल मिश्रा और सागर से थी।
सागर की जान पहचान आकाश, रोहित और योगेश से थी। राज ठाकुर बुजुर्ग की देखरेख कर रहा था। उनकी खेती और अन्य आय व व्यय को भी देख रहा था। अचानक पारस नाथ सिंह को खाते से रकम कम होते मिली। उन्होंने बैंक से डिटेल निकलवाई तो उन्हें मार्च में खेती से मिली ढाई लाख की रकम समेत 6.12 लाख रुपये निकलने की जानकारी हुई। उन्होंने केयरटेकर और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन सभी ने जानकारी से इंकार कर दिया। पारस नाथ सिंह ने घटना की जानकारी दोनों बेटों को दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी की आशंका पर एनसीआरपी पोर्टल और थाने में शिकायत कराने के लिए कहा। बुजुर्ग ने बुधवार को नौबस्ता थाने मेंशिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की। इस दौरान कई संदिग्ध खाते मिले, जिनको फ्रीज कराया गया। उनमें से एक खाता योगेश का था। उसने खाता बंद होने की शिकायत पनकी थाने में की। पुलिस ने जांच की तो उसमें कुछ रुपये ट्रांसफर हुए मिले। यह रकम पारस नाथ सिंह के खाते से दूसरे बैंक खाते से होते हुए पहुंची थी। पुलिस ने योगेश को जानकारी के लिए बुलाया। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि योगेश ने पूछताछ में कहा है कि उससे कुछ रुपये ट्रांसफर कराने के लिए सागर ने बैंक अकाउंट नंबर लिया था। उसको और कोई जानकारी नही हैं। पनकी पुलिस ने उससे जानकारी जुटाकर राज ठाकुर, विशाल मिश्रा और सागर को हिरासत में लिया है।
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खाते उपलब्ध कराने के लिए सागर लेता था कमीशन
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम के मुताबिक सागर राज ठाकुर और विशाल मिश्रा को खाते उपलब्ध कराया करता था। हर खाते में रकम ट्रांसफर कराने के लिए दस हजार रुपये का कमीशन लेता था। उससे पूछताछ की जाएगी। उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। यह गिरोह किस तरह से कार्य करता है, इसका पता लगाया जा रहा है।
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डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि नौबस्ता क्षेत्र में हुई ठगी को पनकी पुलिस सुलझाने के बिलकुल नजदीक है। घटना में शामिल तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। अन्य की तलाश में टीमें लगी हुई हैं। नौबस्ता निवासी पारस नाथ सिंह के दो बेटों में से एक दूसरे आईएएस अधिकारी और दूसरे आरबीआई अफसर हैं। उन्होंने पिता की देखरेख के लिए प्रियांशु नाम के युवक को रखा था। वह किसी कारण से काम छोड़कर चला गया। उसने फतेहपुर निवासी दोस्त राज ठाकुर को काम पर रखवा दिया। राज ठाकुर की दोस्ती पनकी के विशाल मिश्रा और सागर से थी।
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सागर की जान पहचान आकाश, रोहित और योगेश से थी। राज ठाकुर बुजुर्ग की देखरेख कर रहा था। उनकी खेती और अन्य आय व व्यय को भी देख रहा था। अचानक पारस नाथ सिंह को खाते से रकम कम होते मिली। उन्होंने बैंक से डिटेल निकलवाई तो उन्हें मार्च में खेती से मिली ढाई लाख की रकम समेत 6.12 लाख रुपये निकलने की जानकारी हुई। उन्होंने केयरटेकर और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन सभी ने जानकारी से इंकार कर दिया। पारस नाथ सिंह ने घटना की जानकारी दोनों बेटों को दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी की आशंका पर एनसीआरपी पोर्टल और थाने में शिकायत कराने के लिए कहा। बुजुर्ग ने बुधवार को नौबस्ता थाने मेंशिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की। इस दौरान कई संदिग्ध खाते मिले, जिनको फ्रीज कराया गया। उनमें से एक खाता योगेश का था। उसने खाता बंद होने की शिकायत पनकी थाने में की। पुलिस ने जांच की तो उसमें कुछ रुपये ट्रांसफर हुए मिले। यह रकम पारस नाथ सिंह के खाते से दूसरे बैंक खाते से होते हुए पहुंची थी। पुलिस ने योगेश को जानकारी के लिए बुलाया। डीसीपी पश्चिम ने बताया कि योगेश ने पूछताछ में कहा है कि उससे कुछ रुपये ट्रांसफर कराने के लिए सागर ने बैंक अकाउंट नंबर लिया था। उसको और कोई जानकारी नही हैं। पनकी पुलिस ने उससे जानकारी जुटाकर राज ठाकुर, विशाल मिश्रा और सागर को हिरासत में लिया है।
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खाते उपलब्ध कराने के लिए सागर लेता था कमीशन
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम के मुताबिक सागर राज ठाकुर और विशाल मिश्रा को खाते उपलब्ध कराया करता था। हर खाते में रकम ट्रांसफर कराने के लिए दस हजार रुपये का कमीशन लेता था। उससे पूछताछ की जाएगी। उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। यह गिरोह किस तरह से कार्य करता है, इसका पता लगाया जा रहा है।