Kanpur: श्रीप्रकाश जायसवाल को अंतिम विदाई, अनंत मिश्रा…देवेंद्र सिंह भोले और सुरेंद्र मैथानी ने दी श्रद्धांजलि
Kanpur News: पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर राजनेता, कार्यकर्ता और आमजन पहुंचे। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्रा, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, और विधायक सुरेंद्र मैथानी सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। भैरवघाट में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद ज्येष्ठ पुत्र सिद्धार्थ जायसवाल ने मुखाग्नि दी। वह पत्नी माया रानी, बेटे सिद्धार्थ, गाैरव और रचना को रोता बिलखता छोड़ गए। उनके निधन से शहर में शोक की लहर है। लोगों ने घर और घाट पर जाकर श्रद्धांजलि दी। घाट पर का कहना रहा कि लोगों को अपना बनाकर जीने वाला व्यक्तित्व विदा हो गया। वह शहर के महापौर, दो बार केंद्रीयमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शहर अध्यक्ष रहे।
लालबंगला के पोखरपुर स्थित उनके निवास से रविवार दोपहर लगभग पौने 12 बजे अंतिम यात्रा निकाली। कार्यकर्ता जब तक सूरज चांद रहेगा श्रीप्रकाश का नाम रहेगा नारे लगाते रहे। शवयात्रा घर से निकल कर मालरोड होते हुए उनके पुराने घर केनाल रोड पहुंची। यहां उनके भाई रवींद्र रहते हैं। इसके बाद तिलक हाल में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए शव रखा गया। यहां शहर अध्यक्ष पवन गुप्ता, ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला व पूर्व अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर तिरंगा झंडा ओढ़ाया। तिलकहाल से शव यात्रा भैरवघाट पहुंची। यहां शव यात्रा पहुंचते ही कई लोग रो पड़े। श्रीप्रकाश को श्रद्धांजलि देने वालों में सभी राजनैतिक दलों के नेता, समाजसेवी, डॉक्टर और सामाजिक संगठनों के लोग रहे।
घर से लेकर घाट तक विधायक अमिताभ बाजपेई शव वाहन पर बैठे रहे। वहीं, घाट में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक अमिताभ बाजपेई, पूर्व सांसद राजाराम पाल, पूर्व महापौर रवींद्र पाटनी, पूर्व विधायक सोहेल अंसारी, गणेश दीक्षित, सतीश निगम, एमएलसी सलिल विश्ननोई, धर्मेंद्र जायसवाल, पूर्व पार्षद राजीव लोचन पांडेय, सुनीत त्रिपाठी, मिथलेश गुप्ता, मनीष शर्मा, अनिल बाजपेई, सुरेश गुप्ता, शैलेंद्र दीक्षित आदि मौजूद रहे।
श्रीप्रकाश के लगाए चंदन के पेड़ की लकड़ी भी चिता में शामिल की गई
पूर्व पार्षद अनिल बाजपेई ने बताया कि फजलगंज स्थित सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र में श्रीप्रकाश जायसवाल ने सन् 2011 में एक चंदन का पाैधा लगाया था। वह केंद्र प्रभारी डॉ. भक्ति विजय शुक्ला से पूछा करते थे कि हमारा पेड़ कैसा है। उस पेड़ की लकड़ियां उनके बेटे को दी गईं। बेटों ने अपने पिता के लगाए गए चंदन के पेड़ की लकड़ी को भी चिता रखा।
प्रदेश अध्यक्ष से लेकर कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता श्रद्धांजलि देने नहीं आया
श्रीप्रकाश को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कोई भी बड़ा नेता श्रद्धांजलि देने नहीं आया। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राज्यसभा में उप नेता प्रमोद तिवारी, राष्ट्रीय सचिव व प्रभारी निलांशु चतुर्वेदी व प्रदेश विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा आदि में से किसी के भी न आने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश दिखा।
सतीश महाना ने घर जाकर दी श्रद्धांजलि
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्रा अंटू आदि ने घर जाकर श्रद्धांजलि दी।