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कानपुर: सीएसजेएम विवि की लापरवाही से छूटी हजारों छात्रों की परीक्षा, हंगामा
Sun, 01 Aug 2021 04:20 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 01 Aug 2021 04:20 PM IST
सार
छात्रों का आरोप है कि मैसेज, ई-मेल या कॉलेज की ओर से समय में बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में कई छात्र तो संशोधित समय पर पहुंच गए थे पर अधिकतर छात्र दो बजे कॉलेज पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि परीक्षा हो चुकी है।
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छात्राओं ने काटा हंगामा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की जरा सी लापरवाही से रविवार को हजारों छात्रों की पर्यावरण की परीक्षा छूट गई। विभिन्न डिग्री कॉलेजों में परीक्षा देने पहुंचे छात्रों ने इस पर जमकर हंगामा काटा। इसके बाद विवि प्रशासन ने साफ किया कि जिन छात्रों की परीक्षा छूट गई है, उन्हें इसी महीने परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
विवि ने संबद्ध कॉलेजों में रविवार को दोपहर दो बजे से बीए, बीएससी और बीकॉम (दूसरे और तीसरे साल) की पर्यावरण विषय की परीक्षा कराने की सूची जारी की थी। 24 जुलाई को परीक्षा नियंत्रक अंजनी कुमार मिश्रा ने समय में संशोधन करते हुए बीए दूसरे और तीसरे साल की परीक्षा सुबह आठ से साढ़े नौ बजे तक प्रथम पाली में और बीकॉम और बीएससी (दूसरे और तीसरे साल) की परीक्षा दूसरी पाली में सुबह 11 से साढ़े 12 बजे तक कराने का नोटिस वेबसाइट पर जारी कर दिया था।
छात्रों का आरोप है कि मैसेज, ई-मेल या कॉलेज की ओर से समय में बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में कई छात्र तो संशोधित समय पर पहुंच गए थे पर अधिकतर छात्र दो बजे कॉलेज पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि परीक्षा हो चुकी है।
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इस पर डीएवी, डीबीएस, डीजी, बृहस्पति महिला डिग्री कॉलेज, चित्रा डिग्री समेत कई कॉलेजों में छात्रों ने हंगामा किया। डीएवी कॉलेज सिविल लाइंस में छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। छात्रों को समझाने निकले प्राचार्य को घेर लिया। इस पर पुलिस को बुलाना पड़ा।
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विवि ने संबद्ध कॉलेजों में रविवार को दोपहर दो बजे से बीए, बीएससी और बीकॉम (दूसरे और तीसरे साल) की पर्यावरण विषय की परीक्षा कराने की सूची जारी की थी। 24 जुलाई को परीक्षा नियंत्रक अंजनी कुमार मिश्रा ने समय में संशोधन करते हुए बीए दूसरे और तीसरे साल की परीक्षा सुबह आठ से साढ़े नौ बजे तक प्रथम पाली में और बीकॉम और बीएससी (दूसरे और तीसरे साल) की परीक्षा दूसरी पाली में सुबह 11 से साढ़े 12 बजे तक कराने का नोटिस वेबसाइट पर जारी कर दिया था।
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छात्रों का आरोप है कि मैसेज, ई-मेल या कॉलेज की ओर से समय में बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में कई छात्र तो संशोधित समय पर पहुंच गए थे पर अधिकतर छात्र दो बजे कॉलेज पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि परीक्षा हो चुकी है।
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इस पर डीएवी, डीबीएस, डीजी, बृहस्पति महिला डिग्री कॉलेज, चित्रा डिग्री समेत कई कॉलेजों में छात्रों ने हंगामा किया। डीएवी कॉलेज सिविल लाइंस में छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। छात्रों को समझाने निकले प्राचार्य को घेर लिया। इस पर पुलिस को बुलाना पड़ा।
डीएवी के प्राचार्य डॉ. अमित श्रीवास्तव ने बताया कि दो पालियों में लगभग छह हजार छात्रों ने परीक्षा दी है। जिन छात्रों की परीक्षा नहीं हो पाई है, उसकी सूचना रजिस्ट्रार को दे दी गई है। विवि के असिस्टेंट रजिस्ट्रार अजीत ने बताया कि छूटी परीक्षा इसी महीने कराई जाएगी। तारीख का एलान जल्द ही किया जाएगा।
कॉलेज की ओर से मैसेज या ईमेल से समय में बदलाव की सूचना नहीं दी गई थी। अगर ये सूचना दे दी जाती तो आज घंटों यहां बर्बाद न करने पड़ते। - अलफरद, बीएससी तृतीय वर्ष, डीएवी कॉलेज
समय में बदलाव की जानकारी ही नहीं हो पाई और जब यहां आए तो बताया गया कि परीक्षा हो गई। इससे तो बेहतर था कि परीक्षा किसी और दिन ही कराई जाती। - पुष्कर पांडेय, बीकॉम तृतीय वर्ष, डीएवी कॉलेज
विवि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ता है। विवि की ओर से जारी किए गए परीक्षा परिणामों में भी लापरवाही की गई थी। - श्रेया सक्सेना, बीए द्वितीय वर्ष, डीबीएस कॉलेज
विवि आए दिन गलतियां करता है और परेशान हम लोगों को होना पड़ता है। अगर मैसेज या कॉल से समय बदलाव की जानकारी दे दी जाती तो इतना समय क्यों बर्बाद होता। - वेदिका राठौर, बीए तृतीय वर्ष, डीबीएस कॉलेज
कॉलेज की ओर से मैसेज या ईमेल से समय में बदलाव की सूचना नहीं दी गई थी। अगर ये सूचना दे दी जाती तो आज घंटों यहां बर्बाद न करने पड़ते। - अलफरद, बीएससी तृतीय वर्ष, डीएवी कॉलेज
समय में बदलाव की जानकारी ही नहीं हो पाई और जब यहां आए तो बताया गया कि परीक्षा हो गई। इससे तो बेहतर था कि परीक्षा किसी और दिन ही कराई जाती। - पुष्कर पांडेय, बीकॉम तृतीय वर्ष, डीएवी कॉलेज
विवि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ता है। विवि की ओर से जारी किए गए परीक्षा परिणामों में भी लापरवाही की गई थी। - श्रेया सक्सेना, बीए द्वितीय वर्ष, डीबीएस कॉलेज
विवि आए दिन गलतियां करता है और परेशान हम लोगों को होना पड़ता है। अगर मैसेज या कॉल से समय बदलाव की जानकारी दे दी जाती तो इतना समय क्यों बर्बाद होता। - वेदिका राठौर, बीए तृतीय वर्ष, डीबीएस कॉलेज