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दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का कोरोना का सैंपल लिया, गुर्गा मिला था पॉजिटिव
Fri, 10 Jul 2020 11:50 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 10 Jul 2020 11:50 AM IST
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गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : ani
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कानपुर एनकाउंटर में मारे गए दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का कोरोना का सैंपल लिया गया है। कोरोना की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। विकास का एक गुर्गा कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसको देखते हुए विकास दुबे की भी कोरोना वायरस की जांच कराई गई है। अब विकास की कोरोना रिपोर्ट आने का इंतजार है।
आपको बता दें कि विकास दुबे को शरण देने वाला आरोपी श्रवण मिश्रा कोरोना पॉजिटिव मिला था। जिसके बाद उसके परिजनों को क्वारंटीन कर दिया गया था।
गौरतलब है कि कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी कुख्यात विकास दुबे को एसटीएफ ने कानपुर के सचेंडी थाना इलाके में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया है कि विकास को लाते समय गाड़ी पलट गई। जिसके बाद विकास ने हथियार छीन पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया।
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आठ पुलिस कर्मियों की मौत के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे को शुक्रवार सुबह कानपुर एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया। एनकाउंटर सचेंडी थाना क्षेत्र में किसान नगर नहर के पास हुआ है। एनकाउंटर में विकास दुबे को चार गोली लगी हैं वहीं दो इंस्पेक्टर और चार पुलिस कर्मी घायल हुए है। यह एनकाउंटर शुक्रवार सुबह विकास को उज्जैन से लाते समय 6.30 से 6.45 के बीच हुआ है।
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आपको बता दें कि विकास दुबे को शरण देने वाला आरोपी श्रवण मिश्रा कोरोना पॉजिटिव मिला था। जिसके बाद उसके परिजनों को क्वारंटीन कर दिया गया था।
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गौरतलब है कि कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी कुख्यात विकास दुबे को एसटीएफ ने कानपुर के सचेंडी थाना इलाके में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया है कि विकास को लाते समय गाड़ी पलट गई। जिसके बाद विकास ने हथियार छीन पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया।
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आठ पुलिस कर्मियों की मौत के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे को शुक्रवार सुबह कानपुर एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया। एनकाउंटर सचेंडी थाना क्षेत्र में किसान नगर नहर के पास हुआ है। एनकाउंटर में विकास दुबे को चार गोली लगी हैं वहीं दो इंस्पेक्टर और चार पुलिस कर्मी घायल हुए है। यह एनकाउंटर शुक्रवार सुबह विकास को उज्जैन से लाते समय 6.30 से 6.45 के बीच हुआ है।
सूत्रों की मानें तो गाड़ी में ड्राइवर के अलावा तीन एसटीएफ के जवान थे। घटना के वक्त कानपुर के सचेंडी इलाके में बारिश हो रही थी। इसी दौरान एसटीएफ की एक गाड़ी पलट गई। विकास पिछली सीट पर बीच में बैठा था। गाड़ी में उसके दोनों तरफ एसटीएफ के जवान थे। गाड़ी पलटी तो विकास ने भागने की कोशिश की। एक पुलिसकर्मी की 9 एमएम की पिस्टल लेकर भागा। पलटकर गोली चलाई।
एसटीएफ की जवाबी फायरिंग में विकास को चार गोलियां लगी है। एनकाउंटर में एसटीएफ के छह जवान भी इस घटना में घायल हुए हैं। जिसमें दो इंस्पेक्टर और चार पुलिसकर्मी शामिल हैं। बताया जाता है कि विकास दुबे हैलट हॉस्पिटल पहुंचने तक जिंदा था। हालांकि, उसकी हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
घटना के वक्त विकास वही नीली धारी वाली फुल टी-शर्ट और लोअर पहने था, जो उसने गुरुवार को उज्जैन में गिरफ्तारी के वक्त पहने नजर आया था। विकास को एनकाउंटर के बाद सीधे एक गाड़ी से हैलट अस्पताल ले जाया गया। यह गाड़ी एसटीएफ के काफिले में शामिल थी। हॉस्पिटल पहुंचने के 20 से 22 मिनट बाद ही विकास की मौत हो गई। हालांकि, इसकी पुष्टि काफी देर बाद की गई। उज्जैन से एसटीएफ टीम के पीछे चल रही मीडिया की गाड़ियों को घटनास्थल से करीब 20 किलोमीटर पहले पुलिस ने रोक दिया था।
एसटीएफ की जवाबी फायरिंग में विकास को चार गोलियां लगी है। एनकाउंटर में एसटीएफ के छह जवान भी इस घटना में घायल हुए हैं। जिसमें दो इंस्पेक्टर और चार पुलिसकर्मी शामिल हैं। बताया जाता है कि विकास दुबे हैलट हॉस्पिटल पहुंचने तक जिंदा था। हालांकि, उसकी हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
घटना के वक्त विकास वही नीली धारी वाली फुल टी-शर्ट और लोअर पहने था, जो उसने गुरुवार को उज्जैन में गिरफ्तारी के वक्त पहने नजर आया था। विकास को एनकाउंटर के बाद सीधे एक गाड़ी से हैलट अस्पताल ले जाया गया। यह गाड़ी एसटीएफ के काफिले में शामिल थी। हॉस्पिटल पहुंचने के 20 से 22 मिनट बाद ही विकास की मौत हो गई। हालांकि, इसकी पुष्टि काफी देर बाद की गई। उज्जैन से एसटीएफ टीम के पीछे चल रही मीडिया की गाड़ियों को घटनास्थल से करीब 20 किलोमीटर पहले पुलिस ने रोक दिया था।