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Kanpur: 29 जून से तय रूट पर चलेंगे ई-रिक्शे, वितरित किए गए क्यूआर कोड
Wed, 18 Jun 2025 11:00 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 18 Jun 2025 11:00 PM IST
सार
Kanpur News: महापौर, कमिश्नर, जेसीपी ने पंजीकृत ई-रिक्शों को क्यूआर कोड वितरण कर हरी झंडी दिखाई। 7500 ने ही पंजीकरण कराया। अन्य के लिए पंजीकरण का समय बढ़ाया गया।
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ई-रिक्शों को क्यूआर कोड वितरण कर दिखाई हरी झंडी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए बुधवार को पंजीकृत ई-रिक्शों को क्यूआर कोड वितरण का अभियान शुरू हुआ। नगर निगम मुख्यालय में महापौर, कमिश्नर, जेसीपी ने पंजीकृत ई-रिक्शों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हरी झंडी दिखाने से पहले महापौर ने आईटी प्रभारी के मोबाइल में एप से ई-रिक्शे पर चिपकाया गया क्यूआर कोड स्कैन किया। ऐसा करते ही मोबाइल स्क्रीन पर उससे संबंधित जानकारियां दिखने लगीं आईटी प्रभारी ने शुभारंभ समारोह में अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी।
नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने बताया गया कि 28 जून तक क्यूआर कोड वितरित करने के बाद 29 से तय रूट पर ही ई-रिक्शे चलेंगे। पंजीकरण कराने के लिए समयावधि बढ़ा दी गई है। सभी ई-रिक्शा संचालकों को पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 29 जून से पंजीकरण न कराने वाले ई-रिक्शों पर कार्रवाई की जाएगी। ई-रिक्शों का रूट निर्धारित किया गया है। क्यूआर कोड ई-रिक्शों पर चिपकाकर दिया गया है। कोड स्कैन करने से गाड़ी मालिक, चालक, निर्धारित रूट आदि का पता चलेगा। सरकार ने इनका सत्यापन किया है।
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नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने बताया गया कि 28 जून तक क्यूआर कोड वितरित करने के बाद 29 से तय रूट पर ही ई-रिक्शे चलेंगे। पंजीकरण कराने के लिए समयावधि बढ़ा दी गई है। सभी ई-रिक्शा संचालकों को पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 29 जून से पंजीकरण न कराने वाले ई-रिक्शों पर कार्रवाई की जाएगी। ई-रिक्शों का रूट निर्धारित किया गया है। क्यूआर कोड ई-रिक्शों पर चिपकाकर दिया गया है। कोड स्कैन करने से गाड़ी मालिक, चालक, निर्धारित रूट आदि का पता चलेगा। सरकार ने इनका सत्यापन किया है।
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ई-रिक्शों को क्यूआर कोड वितरण कर दिखाई हरी झंडी
- फोटो : अमर उजाला
इन रिक्शों में यात्री भी सुरक्षित रहेंगे। शहर में चुनौती ट्रैफिक जाम की है, क्योंकि ई-रिक्शों के रूट निर्धारित नहीं थे। सभी एक ही चौराहे पर पहुंचकर इकट्ठा हो जाते थे, इससे जाम लगता था। प्रयास है कि रिक्शा संचालक खुद आकर पंजीकरण कराएं ऐसा न करने वालों पर सख्ती भी होगी। पंजीकृत ई-रिक्शा संचालकों को मेडिकल इंश्योरेंस सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि 7500 ई-रिक्शों का पंजीकरण हो गया है। जिन 10 स्थलों पर कैंप लगे थे, उन्हीं स्थानों पर उन्हें 10 दिन तक क्यूआर कोड वितरित किए जाएंगे। इसके लिए 120 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। पंजीकरण अभियान जारी रहेगा। इसके बाद सख्ती करेंगे। जिला प्रशासन, यातायात पुलिस, आरटीओ, नगर निगम समेत अन्य विभागों ने रूट निर्धारित किए हैं। क्यूआर कोड लगे ई-रिक्शा को क्षेत्रीय परिवहन के डाटा से लिंक करते हुए नगर निगम की ओर से तैयार मोबाइल एप और वेब पोर्टल से इंटीग्रेट किया गया है।
नगर आयुक्त ने बताया कि 7500 ई-रिक्शों का पंजीकरण हो गया है। जिन 10 स्थलों पर कैंप लगे थे, उन्हीं स्थानों पर उन्हें 10 दिन तक क्यूआर कोड वितरित किए जाएंगे। इसके लिए 120 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। पंजीकरण अभियान जारी रहेगा। इसके बाद सख्ती करेंगे। जिला प्रशासन, यातायात पुलिस, आरटीओ, नगर निगम समेत अन्य विभागों ने रूट निर्धारित किए हैं। क्यूआर कोड लगे ई-रिक्शा को क्षेत्रीय परिवहन के डाटा से लिंक करते हुए नगर निगम की ओर से तैयार मोबाइल एप और वेब पोर्टल से इंटीग्रेट किया गया है।
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ई-रिक्शों को क्यूआर कोड वितरण कर दिखाई हरी झंडी
- फोटो : अमर उजाला
ये है क्यूआर कोड की खासियत
कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) के आईटी प्रभारी राहुल सब्बरवाल ने बताया कि शहर को चार जोनों और 40 रूटों में बांटा गया है। चारों रूटों के रंग अलग-अलग हैं। जिन ई-रिक्शों का दो जोनों वाले रूट के लिए पंजीकरण किया गया है, उनके क्यूआर कोड स्टीकर उन्हीं रूटों के दोनों रंगों से बनाए गए हैं। जल्द ही प्ले स्टोर से e-rickshawkanpur एप डाउनलोड होने लगेगा। इससे ई-रिक्शों पर लगा क्यूआर कोड स्कैन करते ही उसके मालिक का नाम व फोटो, चालक की फोटो सहित नाम, डीएल, आरसी, फिटनेस, बीमा की जानकारी मिल जाएगी।
कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) के आईटी प्रभारी राहुल सब्बरवाल ने बताया कि शहर को चार जोनों और 40 रूटों में बांटा गया है। चारों रूटों के रंग अलग-अलग हैं। जिन ई-रिक्शों का दो जोनों वाले रूट के लिए पंजीकरण किया गया है, उनके क्यूआर कोड स्टीकर उन्हीं रूटों के दोनों रंगों से बनाए गए हैं। जल्द ही प्ले स्टोर से e-rickshawkanpur एप डाउनलोड होने लगेगा। इससे ई-रिक्शों पर लगा क्यूआर कोड स्कैन करते ही उसके मालिक का नाम व फोटो, चालक की फोटो सहित नाम, डीएल, आरसी, फिटनेस, बीमा की जानकारी मिल जाएगी।
ई-रिक्शों को क्यूआर कोड वितरण कर दिखाई हरी झंडी
- फोटो : अमर उजाला
होलोग्राफिक थ्री-डी हैं स्टीकर
क्यूआर कोड के स्टीकर होलोग्राफिक थ्री-डी हैं। इनपर रोशनी पड़ने पर कानपुर पुलिस, कानपुर नगर निगम अंकित नजर आएगा। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि कोई ऐसा नकली स्टीकर न बना पाए। यदि नकली बनाया भी तो उसमें क्यूआर कोड स्कैन नहीं होगा। पुलिस कहीं भी ई-रिक्शे के क्यूआर कोड को स्कैन कर जांच और गड़बड़ी होने पर कार्रवाई कर सकेगी।
क्यूआर कोड के स्टीकर होलोग्राफिक थ्री-डी हैं। इनपर रोशनी पड़ने पर कानपुर पुलिस, कानपुर नगर निगम अंकित नजर आएगा। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि कोई ऐसा नकली स्टीकर न बना पाए। यदि नकली बनाया भी तो उसमें क्यूआर कोड स्कैन नहीं होगा। पुलिस कहीं भी ई-रिक्शे के क्यूआर कोड को स्कैन कर जांच और गड़बड़ी होने पर कार्रवाई कर सकेगी।