DM-CMO Dispute: सीएमओ के पक्ष में उतरे तीन राजनेता, डीएम के पक्ष में भी लामबंदी, तीन पत्रों की भाषा एक जैसी
Kanpur News: सोमवार को यह प्रकरण शहर से लेकर शासन तक चर्चा में रहा। इस बीच यह भी पता चला है कि सीएमओ की कथित आवाज वाले कई और ऑडियो मिले हैं। इसमें भी पूर्व की डीएम को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई है।
विस्तार
कानपुर में जिलाधिकारी पर टिप्पणी करने वाला सीएमओ का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद डीएम बनाम सीएमओ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसमें सीएमओ के बचाव में विधानसभा अध्यक्ष सहित तीन जनप्रतिनिधि भी उतर आए हैं। वहीं, बिठूर विधायक ने मुख्यमंत्री से डीएम के समर्थन में पत्र लिखकर अपील की है। इस मामले की चर्चा कानपुर से लेकर लखनऊ तक हो रही है।
महाना के अलावा गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी, एमएलसी अरुण पाठक की ओर से सीएमओ को महानगर से नहीं हटाने का पत्र प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लिखा है। इन सभी का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इन जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा है कि यदि डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कोई अनियमितता या कार्य में लापरवाही पकड़ी है, तो उस पर वह कड़ी कार्रवाई करें।
सीएमओ के समर्थन में पत्र लिखने के लिए कहा
इसमें उन्हें कोई एतराज नहीं है। इधर सांगा की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सीएमओ पर शहर में अवैध तरीके से संचालित प्राइवेट अस्पतालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। यह भी कहा है कि सीएमओ के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए और यहां से हटाया जाए। बताया जा रहा है कि सरकार में किसी बड़े ओहदे पर बैठे व्यक्ति ने इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर सीएमओ के समर्थन में पत्र लिखने के लिए कहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं पत्र
यह भी चर्चा है कि इसके बाद सीएमओ ने एक के बाद एक जनप्रतिनिधियों के घर पहुंचकर उनसे पत्र लिखवाए। हालांकि सांसद रमेश अवस्थी ने पत्र लिखने से मना कर दिया। उनका कहना है कि किसी विवाद में पड़ने के बजाए जनता के हित की बात की तरफ ध्यान होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों की ओर से लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
इस तरह से मामले ने पकड़ा तूल
सीएमओ की कथित आवाज वाला ऑडियो वायरल होने के दूसरे दिन डीएम जितेंद्र सिंह की ओर से बुलाई गई सभी विभागों की बैठक में पहुंचे सीएमओ से डीएम ने इस संबंध में पूछा। इस पर सीएमओ हरिदत्त नेमी ने बताया कि यह एआई जेनरेटेड ऑडियो किसी ने उनको फंसाने के लिए वायरल कर दिया है। इस पर डीएम ने सीएमओ को इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहकर उन्हें बैठक से जाने के लिए कहा था। उधर, सीएमओ की इस तरह की कार्यप्रणाली और कार्यों में अनियमितताओं को लेकर डीएम ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर उन्हें हटाने की संस्तुति भी कर दी। यही से मामले ने और तूल पकड़ लिया।
सोमवार को यह प्रकरण शहर से लेकर शासन तक चर्चा में रहा। इस बीच यह भी पता चला है कि सीएमओ की कथित आवाज वाले कई और ऑडियो मिले हैं, इसमें भी पूर्व की डीएम को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई है।
डीएम और सीएमओ के बीच कोई विवाद है, तो उसकी जानकारी मुझे नहीं है। यह उनका विभागीय मामला है। इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन यदि कोई अच्छा कार्य कर रहा है तो उसे भी देखा जाना चाहिए। -सतीश महाना विधानसभा अध्यक्ष
जनप्रतिनिधि होने के नाते एक सक्षम अधिकारी से जनता के हित में जो कहा जाए वह हो, इस नाते पत्र लिखा है। यदि डीएम ने सीएमओ की कोई अनियमितता पकड़ी है तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो। यह उनका विभागीय मामला है। -अरुण पाठक एमएलसी
प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस तरह का विवाद अच्छा नहीं है। डीएम सभी विभागों के प्रमुख होते हैं। उन्हें अपने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों से कैसे काम लेना है, इसका ध्यान रखना जरूरी है। इस तरह की बातें जनता के बीच आना ठीक नहीं है। -सुरेंद्र मैथानी विधायक
सीएमओ के संरक्षण में जिले में कई प्राइवेट अस्पताल अवैध तरीके से चल रहे हैं। इन अस्पतालों की ओर से आम मरीजों से इलाज के नाम पर मनमाने रुपये वसूल किए जा रहे हैं। इसकी वजह से सरकारी अस्पतालों में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था खराब हो रही है। सीएमओ के खिलाफ जांच करवाते हुए दोषी पाए जाने की दशा में उन्हें यहां से स्थानांतरित किया जाए। -अभिजीत सिंह सांगा