फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur: Director of PB Society Jewellers cyber-frauded of Rs 1.09 crore

Kanpur: पीबी सोसाइटी ज्वैलर्स के निदेशक से 1.09 करोड़ की साइबर ठगी, पीड़ित ने साइबर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट

Tue, 14 Oct 2025 11:56 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 14 Oct 2025 11:56 PM IST
सार

पीबी सोसाइटी ज्वैलर्स के निदेशक से 1.09 करोड़ की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। फर्म के अकाउंटेंट को निदेशक के नाम से फर्जी मैसेज किया। तीन फर्मों के खातों में पैसा भेजने का मैसेज रकम ट्रांसफर होने के बाद डिलीट किया।

विज्ञापन
Kanpur: Director of PB Society Jewellers cyber-frauded of Rs 1.09 crore
आर्थिक अपराध - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

साइबर ठगों ने बिरहाना रोड स्थित पीबी सोसाइटी ज्वैलर्स के निदेशक प्रशांत जैन के साथ 1.09 करोड़ रुपये ठग लिए। शातिरों ने शुक्रवार को उनके अकाउंटेंट को निदेशक के नाम से व्हाट्सअप मैसेज किया। इस मैसेज में तीन फर्माें के बैंक खातों में कुल 1.09 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने की बात लिखी थी। मैसेज पर विश्वास कर अकाउंटेंट ने बिना जांच किए शातिरों के बताए बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर कर दी। जब निदेशक को मामले की जानकारी हुई तो उन्हाेंने रकम को होल्ड कराने की कोशिश की। हालांकि शातिर तब तक धनराशि को अन्य खातों के माध्यम से निकाल चुके थे। पीड़ित कारोबारी ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन


महेश चंद्र जैन उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्हाेंने बताया कि उनकी बिरहाना रोड पर पीबी सोसाइटी नाम से फर्म है। इसमें बेटा प्रशांत जैन निदेशक है। उनकी फर्म में रावतपुर गांव निवासी गजेंद्र राठौर कई वर्षों से अकाउंटेंट का काम करते हैं। महेश चंद्र जैन ने बताया कि उनके अकाउंटेंट के पास 10 अक्तूबर को एक नए नंबर से मैसेज आया था। यह मैसेज किसी शातिर ने बेटे प्रशांत के नाम से अकाउंटेंट को भेजे। पहले शातिर ने खाते का बैलेंस पूछा। उन्होंने बता दिया, इसके बाद उसी व्हाट्सअप के माध्यम से दो फर्म के बैंक खाते दिए। इनमें से रोकड़िया इल्केट्रिक एंड सर्विस सेंटर के खाते में 52.70 लाख, लीविंग इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 51.60 लाख रुपये
विज्ञापन


ट्रांसफर करने को कहा गया था। इसके बाद गजेंद्र ने बैंक ऑफ इंडिया वाले खाते से 51.60 लाख रुपये निफ्ट और 52.70 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसी नंबर से ईरालिंगा फर्म में 4.87 लाख रुपये ट्रांसफर करने का मैसेज आया। इसे देखकर अकाउंटेंट ने तीसरी फर्म में सोमवार को 4.87 लाख रुपये आरटीजीएस कर दिए। शाम को निदेशक प्रशांत ऑफिस आए तो मेल और अकाउंटेंट के माध्यम से उन्हें धनराशि ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। आननफानन उन्होंने बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया। हालांकि तब तक शातिरों ने भेजे गए बैंक खातों से धनराशि निकाल ली थी। इसके बाद निदेशक ने पुलिस के अधिकारियों को सूचना दी। मंगलवार दोपहर अकाउंटेंट ने साइबर थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एमपी और गुजरात की फर्मों के खातों में गए रुपये
साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जिन फर्मों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। वह मध्यप्रदेश के मंदसौर और गुजरात अहमदाबाद जिलों की हैं। हालांकि आरोपियों ने इन रुपयों को सीधे न निकाल कर अन्य कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया है।

पीड़ित कारोबारी की रिपोर्ट दर्ज कर साइबर टीम को आरोपियों की तलाश में लगा दिया गया है। बैंक को ठगी की सूचना देने में देर होने के कारण शातिरों ने रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए हैं। - रघुवीर लाल,पुलिस कमिश्नर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed