Kanpur Dehat: नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म का मामला, दोषी चाचा को दस साल सजा, 25 हजार अर्थदंड भी लगाया
सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा ने बताया कि अभियोजन की ओर से मामले में वादी मुकदमा व पीड़िता समेत आठ गवाह अदालत में पेश किए गए थे। इन सभी गवाहों ने घटना को साबित किया।
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कानपुर देहात में कानपुर नगर के बिल्हौर क्षेत्र में आठ साल पहले नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने गुरुवार को दोषी पारिवारिक चाचा को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा ने बताया कि बिल्हौर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि 29 मार्च 2015 की शाम उसकी 11 साल की नाबालिग भतीजी घर में अकेली थी। उसी दौरान पारिवारिक भाई विनोद ने घर में घुस आया।
इसके बाद जबरदस्ती उससे दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 13 पॉक्सो बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही थी।
25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
गुरुवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषी चाचा को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन के आठ गवाहों ने घटना को साबित किया
सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा ने बताया कि अभियोजन की ओर से मामले में वादी मुकदमा व पीड़िता समेत आठ गवाह अदालत में पेश किए गए थे। इन सभी गवाहों ने घटना को साबित किया। पीड़िता के बयान व उसके चिकित्सीय रिपोर्ट दोषी को सजा दिलाए जाने का मुख्य आधार बने हैं।