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कानपुर देहात : सरकारी आंकड़ों में पर्याप्त खाद, हकीकत में भटक रहे किसान

Tue, 16 Nov 2021 12:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:57 AM IST
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Kanpur Dehat : There is enough fertilizer in the government figures, in reality farmers are wandering
कानपुर देहात। सरकारी आंकड़ों में जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद है, जो किसानों को मांग के अनुसार उपलब्ध भी कराई जा रही है। वहीं हकीकत में गांवों में खाद के लिए किसान भटकने को मजबूर हैं।
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फसल की बुआई पिछड़ती देख किसान प्राइवेट दुकानों से अधिक दाम पर खाद ले रहे हैं। समितियों से लौट रहे किसान अधिकारियों के दावों की पोल खोल रहे हैं।
कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में रबी सीजन के लिए किसानों को 26 हजार मीट्रिक टन खाद वितरित करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का दावा है कि नवंबर तक 15,228 मीट्रिक टन खाद आनी थी, इसकी जगह अब तक 17 हजार मीट्रिक टन खाद का आवंटन हो चुका है।
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इसमें भी अब तक 14 हजार मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को हो चुका है। जल्द ही तीन हजार मीट्रिक टन खाद का और वितरण किया जाएगा। वहीं संदलपुर और राजपुर के पैलावर की साधन सहकारी समितियों में खाद नहीं होने से सोमवार को ताला पड़ा रहा।
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यहां खाद लेने पहुंचे किसान मायूस होकर लौटते रहे। यही हाल धरमपुर समिति का भी है। यहां चार दिन से खाद नहीं मिलने से किसान प्राइवेट दुकानों से अधिक दाम पर खरीदते नजर आए।
बारिश की वजह से बढ़ गई खाद की खपत
जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बारिश से पहले किसानों ने फसल की बुआई कर ली थी। बारिश अधिक होने से फसल खराब हो गई है। इस वजह से खाद की खपत बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि नमी की वजह से बुआई तेजी से चल रही है। नवंबर तक यह पूरी हो जाएगी। इसी चलते वर्तमान में खाद की मांग भी बढ़ी है।
आधी समितियां ही सक्रिय होने से बढ़ी परेशानी
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में करीब 120 सहकारी समितियां है। जिनमें से केवल 62 ही क्रियाशील हालत में है। झींझक की डिलवल, सिकंदरा की पिंडार्थू, रूरा, मंगलपुर, किशौरा, सिठऊमताना, पीसीएफ गजनेर, अमरौधा, डेरापुर क्षेत्र की नुनारी सहित 51 समितियों में खाद की उपलब्धता है।

जैतापुर, संदलपुर, धरमपुर, मुर्रा, बलाई बुजुर्ग, सलेमपुर, सरगांव खुर्द, परौंख समेत कुछ अन्य में खाद नहीं है। कई समितियों में उपलब्ध खाद की मात्रा कम भी है।
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