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Kanpur Dehat : एसआईटी ने बयान दर्ज करने के लिए 10 नामजद आरोपियों को जारी किया नोटिस
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छानबीन करते एसआईटी के सीओ। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। डीजीपी स्तर से हरदोई एसपी राजेश द्विवेदी के नेतृत्व में गठित एसआईटी शुक्रवार को गांव पहुंची। सीओ विकास जायसवाल की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम ने एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति व अन्य अफसरों से मुलाकात की। एसआईटी ने घटना में आरोपी 10 नामजद लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार गांव के ही अशोक दीक्षित, अनिल दीक्षित, निर्मल दीक्षित, विशाल, एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, एसओ रूरा दिनेश कुमार गौतम व अन्य नामजद लोगों को पुलिस लाइंस स्थित कार्यालय बुलाया है।
टीम जेल में बंद बुलडोजर चालक दीपक व लेखपाल अशोक कुमार के बयान जेल जाकर दर्ज करेगी। टीम ने रूरा थाने से जीडी व एफआईआर की कापी समेत जांच से संबंधित जरूरी अभिलेख व मैथा तहसील से सरकारी जमीन से कब्जा हटाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र की कापी कब्जे में ली है।
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चाहला गांव में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की। टीम ने शाम को प्रमिला के बेटे शिवम व कुछ अन्य लोगों से भी बात की।
दूसरी एसआईटी की जांच में यह रहे अहम बिंदु
सूत्रों की मानें तो विवेचना करने वाली टीम ने जांच के दौरान सरकारी जमीन से कब्जा हटाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र जनवरी और फिर 14 फरवरी को किसने दिया इसकी पड़ताल की। इसके साथ ही किस अफसर ने कब्जा गिराने का आदेश दिया, किसके आदेश पर रूरा थाने का फोर्स एसडीएम के साथ मौके पर गया, एसडीएम ने कब्जा गिराने में इतनी जल्दी क्यों की, मौके पर किसने बुलडोजर से कृष्ण गोपाल की झोपड़ी, हैंडपंप और धार्मिक चबूतरा गिराने के आदेश दिया आदि बिंदुओं पर भी पड़ताल की। कुटुंब रजिस्टर से यह भी पता लगाने की कोशिश है कि क्या आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही परिवार के हैं। उनमें किस बात को लेकर ठनी तो मामला यहां तक पहुंच गया।
कब्जे वाली जगह की होगी नापजोख
एसआईटी लेखपाल से उस स्थान की नापजोख कराएगी, जिस स्थान पर कृष्ण गोपाल ने झोपड़ी बनाकर कब्जा किया था। इसके पीछे का मकसद यह पता लगाना है कि राजस्व विभाग ने एक महिला को जिस जमीन का पट्टा किया था क्या वह कृष्ण गोपाल के कब्जे वाली जमीन है। लेखपाल से कुटुंब रजिस्टर की कापी भी मांगी जा रही है, जिसमें आरोपी और पीड़ित परिवार का पूरा सिजरा हो।
दो महीने पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि करीब दो महीने पहले अशोक दीक्षित ने शिवम की दुकान में जाकर गाली-गलौज की थी। तब दोनों पक्षों में तकरार हुई थी। इसके बाद अशोक ने शिवम व उसके परिवार से खुन्नस मान ली थी। इसके बाद से ही सरकारी जमीन से कृष्ण गोपाल का कब्जा हटाए जाने के लिए अफसरों को अर्जियां दी जाने लगीं।
साक्ष्य संकलन के लिए स्टेट फोरेंसिक टीम को भेजा पत्र
सूत्रों के मुताबिक विवेचना कर रही एसआईटी के अफसर ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने वाली फोरेंसिक टीम से बातचीत की। जुटाए गए साक्ष्यों के बारे में विस्तार से पूछा गया। अफसर ने स्टेट फोरेंसिक टीम को भी साक्ष्य संकलन के लिए बुलाने को लैब के निदेशक को पत्र भेजा है। स्टेट फोरेंसिक टीम के साक्ष्य संकलन के बाद टीम क्राइम सीन का रि-क्रियेशन कराएगी।
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एसआईटी सूत्रों के अनुसार गांव के ही अशोक दीक्षित, अनिल दीक्षित, निर्मल दीक्षित, विशाल, एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, एसओ रूरा दिनेश कुमार गौतम व अन्य नामजद लोगों को पुलिस लाइंस स्थित कार्यालय बुलाया है।
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टीम जेल में बंद बुलडोजर चालक दीपक व लेखपाल अशोक कुमार के बयान जेल जाकर दर्ज करेगी। टीम ने रूरा थाने से जीडी व एफआईआर की कापी समेत जांच से संबंधित जरूरी अभिलेख व मैथा तहसील से सरकारी जमीन से कब्जा हटाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र की कापी कब्जे में ली है।
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चाहला गांव में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की। टीम ने शाम को प्रमिला के बेटे शिवम व कुछ अन्य लोगों से भी बात की।
दूसरी एसआईटी की जांच में यह रहे अहम बिंदु
सूत्रों की मानें तो विवेचना करने वाली टीम ने जांच के दौरान सरकारी जमीन से कब्जा हटाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र जनवरी और फिर 14 फरवरी को किसने दिया इसकी पड़ताल की। इसके साथ ही किस अफसर ने कब्जा गिराने का आदेश दिया, किसके आदेश पर रूरा थाने का फोर्स एसडीएम के साथ मौके पर गया, एसडीएम ने कब्जा गिराने में इतनी जल्दी क्यों की, मौके पर किसने बुलडोजर से कृष्ण गोपाल की झोपड़ी, हैंडपंप और धार्मिक चबूतरा गिराने के आदेश दिया आदि बिंदुओं पर भी पड़ताल की। कुटुंब रजिस्टर से यह भी पता लगाने की कोशिश है कि क्या आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही परिवार के हैं। उनमें किस बात को लेकर ठनी तो मामला यहां तक पहुंच गया।
कब्जे वाली जगह की होगी नापजोख
एसआईटी लेखपाल से उस स्थान की नापजोख कराएगी, जिस स्थान पर कृष्ण गोपाल ने झोपड़ी बनाकर कब्जा किया था। इसके पीछे का मकसद यह पता लगाना है कि राजस्व विभाग ने एक महिला को जिस जमीन का पट्टा किया था क्या वह कृष्ण गोपाल के कब्जे वाली जमीन है। लेखपाल से कुटुंब रजिस्टर की कापी भी मांगी जा रही है, जिसमें आरोपी और पीड़ित परिवार का पूरा सिजरा हो।
दो महीने पहले भी हुआ था विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि करीब दो महीने पहले अशोक दीक्षित ने शिवम की दुकान में जाकर गाली-गलौज की थी। तब दोनों पक्षों में तकरार हुई थी। इसके बाद अशोक ने शिवम व उसके परिवार से खुन्नस मान ली थी। इसके बाद से ही सरकारी जमीन से कृष्ण गोपाल का कब्जा हटाए जाने के लिए अफसरों को अर्जियां दी जाने लगीं।
साक्ष्य संकलन के लिए स्टेट फोरेंसिक टीम को भेजा पत्र
सूत्रों के मुताबिक विवेचना कर रही एसआईटी के अफसर ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने वाली फोरेंसिक टीम से बातचीत की। जुटाए गए साक्ष्यों के बारे में विस्तार से पूछा गया। अफसर ने स्टेट फोरेंसिक टीम को भी साक्ष्य संकलन के लिए बुलाने को लैब के निदेशक को पत्र भेजा है। स्टेट फोरेंसिक टीम के साक्ष्य संकलन के बाद टीम क्राइम सीन का रि-क्रियेशन कराएगी।