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कानपुर देहात : जलभराव से सड़ गई धान की फसल तो कही अंकुरित हुईं बालियां
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खेत पर कटी पड़ी फसल के ऊपर उगी धान की फसल दिखाता किसान। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
शिवली। पिछले माह हुई बारिश से खेत में जलभराव से किसानों की कटी धान की फसल सड़ गई। कई खेतों में कटी फसल की बालियां फिर से जम (अंकुरित) हो गई हैं।
मैथा तहसील के जसवंतपुर गांव के पांच मजरों में भी किसानों का करीब 12 सौ बीघा धान से अधिक का नुकसान हुआ है। बर्बाद हुई फसल देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरी है।
जसवंतपुर के मजरा मुगरा में किसान रमेशचंद्र राठौर ने ढाई बीघा धान की फसल बोई थी। फसल पकी तो उन्होंने कटाई कराई। इस दौरान हुई बारिश से खेत में जलभराव हो गया। इससे खेत में पड़ी धान की फसल फिर से जम गई है।
बालियों से धान के पौधे अंकुरित होकर निकल आए हैं। बर्बाद हुई फसल देखकर किसान की आंखों में आंसू छलक आते हैं। वह कहते हैं कि ढाई बीघा खेत में पंद्रह हजार रुपये की लागत आई थी।
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करीब पचास हजार रुपये के धान उत्पादन की उम्मीद थी। किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपये ऋण है। बैंक व तहसील से मदद के नाम पर टरकाया जा रहा है। किसान महेश राठौर की ढाई बीघा धान की फसल पानी भरने से सड़ गई। अब गेहूं की बोआई को लेकर लागत का जुगाड़ नहीं है। (संवाद)
बारिश से किसानों की फसल खराब होने की जानकारी नहीं है। अब लेखपाल को गांवों में भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रमेश कुमार, एसडीएम मैथा
बारिश से हुए जलभराव में फसल नुकसान की जानकारी कराई जाएगी। एसडीएम मैथा से इस बाबत बात की जाएगी। फसल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों की मदद की जाएगी। - निर्मला संखवार, विधायक रसूलाबाद।
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मैथा तहसील के जसवंतपुर गांव के पांच मजरों में भी किसानों का करीब 12 सौ बीघा धान से अधिक का नुकसान हुआ है। बर्बाद हुई फसल देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरी है।
जसवंतपुर के मजरा मुगरा में किसान रमेशचंद्र राठौर ने ढाई बीघा धान की फसल बोई थी। फसल पकी तो उन्होंने कटाई कराई। इस दौरान हुई बारिश से खेत में जलभराव हो गया। इससे खेत में पड़ी धान की फसल फिर से जम गई है।
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बालियों से धान के पौधे अंकुरित होकर निकल आए हैं। बर्बाद हुई फसल देखकर किसान की आंखों में आंसू छलक आते हैं। वह कहते हैं कि ढाई बीघा खेत में पंद्रह हजार रुपये की लागत आई थी।
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करीब पचास हजार रुपये के धान उत्पादन की उम्मीद थी। किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपये ऋण है। बैंक व तहसील से मदद के नाम पर टरकाया जा रहा है। किसान महेश राठौर की ढाई बीघा धान की फसल पानी भरने से सड़ गई। अब गेहूं की बोआई को लेकर लागत का जुगाड़ नहीं है। (संवाद)
बारिश से किसानों की फसल खराब होने की जानकारी नहीं है। अब लेखपाल को गांवों में भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - रमेश कुमार, एसडीएम मैथा
बारिश से हुए जलभराव में फसल नुकसान की जानकारी कराई जाएगी। एसडीएम मैथा से इस बाबत बात की जाएगी। फसल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों की मदद की जाएगी। - निर्मला संखवार, विधायक रसूलाबाद।