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Kanpur Dehat: मां-छोटे भाई की पत्नी की हत्या का मामला, दोषी को आजीवन कारावास, 50 हजार का अर्थदंड भी

Fri, 04 Aug 2023 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Fri, 04 Aug 2023 01:18 AM IST
सार

गुरुवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गोविंद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं।

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Life imprisonment for the murder of mother and younger brother's wife, also imposed a fine of 50 thousand
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर देहात के बिल्हौर क्षेत्र में करीब सात साल पहले जुआ खेलने के लिए रुपए न देने पर मां और छोटे भाई की पत्नी की बांके से हत्या करने के दोषी को अदालत ने गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।

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सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक कुमार त्रिपाठी व देवेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बिल्हौर के शांतिनगर निवासी रामगोपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 26 नवंबर 2016 को उसका बड़ा भाई गोविंद घर पर बुजुर्ग मां कुमारी देवी (65) से जुआ खेलने के लिए रुपये मांग रहा था।
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उसकी मां ने रुपये देने से मना कर दिया। इससे नाराज होकर उसने घर पर रखे बांके से मां पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद उसकी पत्नी पुष्पलता मां को बचाने लगी तो गोविंद ने उस पर भी हमला कर दिया। इससे मां की मौके पर ही मौत हो गई।

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वहीं, उसकी पत्नी को गंभीर हालत में हैलट ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रशेखर की अदालत में चल रही थी।

गुरुवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गोविंद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं।

पिता थे घटना के प्रत्यक्षदर्शी गवाह
सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक त्रिपाठी व देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभियोजन की ओर से 11 गवाह अदालत में पेश किए गए थे। इसमें स्वतंत्र साक्षी समेत वादी मुकदमा ने घटना को साबित किया। सबसे अहम गवाह घटना के प्रत्यक्षदर्शी गोविंद के पिता विक्रम सिंह थे, जिन्होंने घटना के समर्थन में अदालत में बयान दर्ज कराए थे। उन्होंने बताया था कि उनके सामने ही बेटे गोविंद ने अपनी मां और छोटे भाई की पत्नी पर बांके से हमला किया था। इससे दोनों की मौत हो गई।

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