{"_id":"63335701062cbd58682c70e4","slug":"kanpur-dehat-keyman-died-after-colliding-with-rajdhani-express-uproar-of-family-and-employees-dead-body-not-allowed-to-rise-for-six-hours-akbarpur-news-knp720483739","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur Dehat : राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर कीमैन की जान गई, परिजनों व कर्मचारियों का हंगामा, छह घंटे नहीं उठने दिया शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur Dehat : राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर कीमैन की जान गई, परिजनों व कर्मचारियों का हंगामा, छह घंटे नहीं उठने दिया शव
विज्ञापन
महेश कुमार की मौत पर बिलखती महिलाएं। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
शिवली। रेलवे ट्रैक की जांच के लिए निकले की-मैन की मंगलवार की सुबह मैथा स्टेशन के पास राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर मौत हो गई। सहकर्मियों व परिजनों ने मुआवजे, आश्रित को नौकरी व अन्य मांगों को लेकर मौके पर शव रखकर हंगामा किया।
सूचना पर कानपुर मंडल के सीसीए मौके पर पहुंचे और मांगों को हल कराने का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। इस दौरान करीब छह घंटे बाद शव उठ सका।
हमीरपुर जिले के मौदाहा क्षेत्र के करैया गांव निवासी जियालाल का बेटा महेश कुमार (35) दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन के मैथा स्टेशन पर की मैन के पद पर तैनात थे। मंगलवार की सुबह महेश रेलवे ट्रैक का जायजा लेने गए थे।
मैथा स्टेशन के पास अप लाइन पर डिबरूगढ़ से आ रही राजधानी एक्सप्रेस से वह टकरा गए। हादसे में महेश की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंचे मैथा चौकी व जीआरपी कर्मियों के बीच शव उठाने को लेकर काफी देर तक जद्दोजहद चली।
विज्ञापन
इसी बीच परिजन व रेलवे यूनियन के लोग वहां पहुंच गए। सभी ने मुआवजा व आश्रित को नौकरी देने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। रेलवे यूनियन के सचिव भारत भूषण ने कर्मचारियों के साथ मिलकर रेलवे प्रशासन पर की-मैनों के उपेक्षा किए जाने का आरोप किया।
इस पर मौके पर पहुंचे रेलवे के कानपुर मंडल के सीसीए सीबी मिश्र ने समस्याओं के हल के लिए आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने छह घंटे बाद शव उठाने दिया। इस दौरान आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद यादव भी मौजूद रहे।
महेश की मौत से पत्नी धरनी देवी, बेटी संध्या, रिया व बेटे नमन का रोकर बुरा हाल रहा। मैथा चौकी प्रभारी ज्ञानप्रकाश पांडेय ने बताया कि परिजनों व कर्मचारियों के छह घंटे के हंगामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका है।
विज्ञापन
सूचना पर कानपुर मंडल के सीसीए मौके पर पहुंचे और मांगों को हल कराने का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। इस दौरान करीब छह घंटे बाद शव उठ सका।
हमीरपुर जिले के मौदाहा क्षेत्र के करैया गांव निवासी जियालाल का बेटा महेश कुमार (35) दिल्ली हावड़ा रेलवे लाइन के मैथा स्टेशन पर की मैन के पद पर तैनात थे। मंगलवार की सुबह महेश रेलवे ट्रैक का जायजा लेने गए थे।
विज्ञापन
मैथा स्टेशन के पास अप लाइन पर डिबरूगढ़ से आ रही राजधानी एक्सप्रेस से वह टकरा गए। हादसे में महेश की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंचे मैथा चौकी व जीआरपी कर्मियों के बीच शव उठाने को लेकर काफी देर तक जद्दोजहद चली।
विज्ञापन
इसी बीच परिजन व रेलवे यूनियन के लोग वहां पहुंच गए। सभी ने मुआवजा व आश्रित को नौकरी देने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। रेलवे यूनियन के सचिव भारत भूषण ने कर्मचारियों के साथ मिलकर रेलवे प्रशासन पर की-मैनों के उपेक्षा किए जाने का आरोप किया।
इस पर मौके पर पहुंचे रेलवे के कानपुर मंडल के सीसीए सीबी मिश्र ने समस्याओं के हल के लिए आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने छह घंटे बाद शव उठाने दिया। इस दौरान आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद यादव भी मौजूद रहे।
महेश की मौत से पत्नी धरनी देवी, बेटी संध्या, रिया व बेटे नमन का रोकर बुरा हाल रहा। मैथा चौकी प्रभारी ज्ञानप्रकाश पांडेय ने बताया कि परिजनों व कर्मचारियों के छह घंटे के हंगामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका है।