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तीसरे दिन भी मरीजों को अस्पताल पहुंचने में झेलनी पड़ी मुसीबत

Thu, 26 Sep 2019 02:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2019 02:00 AM IST
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kanpur dehat hospital
कानपुर देहात। अपनी मांगों को लेकर एंबुलेंस चालक व एमटी (मेडिकल टेक्नीशियन) एंबुलेंस खड़ी कर सोमवार को हड़ताल पर चले गए थे। मंगलवार की रात एसडीएम व सीओ के समझाने पर कर्मचारी भले धरने से उठ गए हो, लेकिन बुधवार को जिले भर में मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले में गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचाने वाली 102 एंबुलेंस सेवा ठप रही। संगठन के नेताओं का कहना है कि लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक स्थिति सामान्य नहीं होगी। मरीज निजी वाहन से अस्पताल पहुंचे। वहीं बुधवार शाम से चालक पूरी तरह से काम पर लौटे तो स्थिति सामान्य हुई।
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जिले में संचालित 102 व 108 एंबुलेंस के चालकों व एमटी ने सात सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर चले गए थे। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने में खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा था। यहां तक की एंबुलेंस न मिलने के कारण रसूलाबाद में एक महिला के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई थी जबकि एक मासूम रजनी 5 ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया था। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियेां ने समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन हड़ताली अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। मंगलवार देर शाम धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम सदर आनंद कुमार सिंह, सीओ अकबरपुर अर्पित कपूर व सीएमओ डा. हीरा सिंह दोबारा धरना स्थल पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने जिला प्रभारी पर बदसलूकी और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
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इसमें सीएमओ ने मामले की जांच का भरोसा दिया था। साथ ही सात सूत्री मांग पत्र शासन और सर्विस प्रदाता कंपनी को भेजने की बात कही। आश्वासन के बाद चालक व एमटी ने हड़ताल खत्म कर दी। इसके बाद भी बुधवार को स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। जिला अस्पताल में मरीज व तीमारदार निजी वाहनों से पहुंचते देखे गए। यहां 108 एंबुलेंस ने पूरे दिन केवल में पांच मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं 102 एंबुलेंस के नहीं चलाई गई। इससे गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियेां का सामना करना पड़ा है। संगठन के जिला अध्यक्ष प्रवीण सचान ने बताया कि अभी तक शासन व प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिला है।
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