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Kanpur Dehat : हत्या व धोखाधड़ी के 11 आरोपियों पर गैंगस्टर, भोगनीपुर थाने में पुलिस ने दर्ज कराई रिपोर्ट
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पुखरायां। भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष अमरेश तिवारी उर्फ मुनि की हत्या के पांच आरोपियों समेत 11 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई गई है। अब डीएम नेहा जैन के आदेश के बाद आरोपियों की शत्रु संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
पुखरायां कस्बे के पटेल चौक के पास सघन क्षेत्र विकास समिति की जमीन पर इसी साल कब्जा किया जा रहा था। कब्जा करने का विरोध करने पहुंचे भाजपा नेता अमरेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी। समिति में अमरेश के पिता व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी सदस्य हैं।
हत्या के आरोप में क्षेत्र के ही भगवती नगर निवासी अधिवक्ता पुष्कल पराग दुबे, उनके बेटे अंबुज पराग दुबे व समिति की जमीन के आगे कोठरी बनाकर रह रहे घनश्याम पाल, उसकी पत्नी उर्मिला, बेटे गौतम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में यह पांचों आरोपी जिला कारागार में बंद हैं।
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इसी मामले में फर्जी दस्तावेज बनाकर पाकिस्तान में रहने वाली जाफरी बेगम की जमीन पर कब्जा करने में संजय नगर निवासी अतीक उर्फ भूरा, मुन्ना खां की पत्नी जमीला बेगम, भोगनीपुर के ही मांवर गांव निवासी सदरुल इस्लाम, उसकी पत्नी फरहाना, एजाज और बरौर के अनंतापुर गांव निवासी विनय कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी व कूट रचित दस्तावेज तैयार कर उनका प्रयोग करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
मामला अदालत में विचाराधीन है। इस मामले में सभी 11 आरोपियों के खिलाफ भोगनीपुर थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। थाना प्रभारी अजयपाल सिंह ने बताया कि हत्या व शत्रु संपत्ति में फर्जीवाड़ा करने के मामले में 11 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की गई है। डीएम के आदेश के बाद आरोपियों की संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
2004 में मृत दिखाया, 2008 में भारत भ्रमण पर आई
मावर गांव की जाफरी बेगम परिवार के साथ अर्से पहले पाकिस्तान में जाकर बस गई थीं। वह काफी समय तक भारत नहीं आई तो आरोपियों ने वर्ष 2004 में फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद इस शत्रु संपत्ति की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी थी। इधर, वर्ष 2008 में जाफरी बेगम भारत आई थीं। इसकी सीमा पर इंट्री भी बताई गई है। आरोपियों पर पुखरायां कस्बे में एक महिला के आवंटित आवास पर कब्जे का भी आरोप है।
मोहम्मदपुर गांव में भी शत्रु संपत्ति का मामला
भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के मावर से लगी ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में भी शत्रु संपत्ति की भूमि के मामले की शिकायत की गई है। उस भूमि की लिखापढ़ी भी की गई है। इस मामले में कोई अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
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पुखरायां कस्बे के पटेल चौक के पास सघन क्षेत्र विकास समिति की जमीन पर इसी साल कब्जा किया जा रहा था। कब्जा करने का विरोध करने पहुंचे भाजपा नेता अमरेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी। समिति में अमरेश के पिता व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी सदस्य हैं।
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हत्या के आरोप में क्षेत्र के ही भगवती नगर निवासी अधिवक्ता पुष्कल पराग दुबे, उनके बेटे अंबुज पराग दुबे व समिति की जमीन के आगे कोठरी बनाकर रह रहे घनश्याम पाल, उसकी पत्नी उर्मिला, बेटे गौतम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में यह पांचों आरोपी जिला कारागार में बंद हैं।
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इसी मामले में फर्जी दस्तावेज बनाकर पाकिस्तान में रहने वाली जाफरी बेगम की जमीन पर कब्जा करने में संजय नगर निवासी अतीक उर्फ भूरा, मुन्ना खां की पत्नी जमीला बेगम, भोगनीपुर के ही मांवर गांव निवासी सदरुल इस्लाम, उसकी पत्नी फरहाना, एजाज और बरौर के अनंतापुर गांव निवासी विनय कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी व कूट रचित दस्तावेज तैयार कर उनका प्रयोग करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
मामला अदालत में विचाराधीन है। इस मामले में सभी 11 आरोपियों के खिलाफ भोगनीपुर थाना पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। थाना प्रभारी अजयपाल सिंह ने बताया कि हत्या व शत्रु संपत्ति में फर्जीवाड़ा करने के मामले में 11 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की गई है। डीएम के आदेश के बाद आरोपियों की संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
2004 में मृत दिखाया, 2008 में भारत भ्रमण पर आई
मावर गांव की जाफरी बेगम परिवार के साथ अर्से पहले पाकिस्तान में जाकर बस गई थीं। वह काफी समय तक भारत नहीं आई तो आरोपियों ने वर्ष 2004 में फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद इस शत्रु संपत्ति की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी थी। इधर, वर्ष 2008 में जाफरी बेगम भारत आई थीं। इसकी सीमा पर इंट्री भी बताई गई है। आरोपियों पर पुखरायां कस्बे में एक महिला के आवंटित आवास पर कब्जे का भी आरोप है।
मोहम्मदपुर गांव में भी शत्रु संपत्ति का मामला
भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के मावर से लगी ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में भी शत्रु संपत्ति की भूमि के मामले की शिकायत की गई है। उस भूमि की लिखापढ़ी भी की गई है। इस मामले में कोई अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।