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Kanpur Dehat : टावर हटवाने गए दरोगा से विवाद, पीटकर वर्दी फाड़ी, सिपाहियों से हाथापाई
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रूरा (कानपुर देहात)। अहिरन गढ़ेवा गांव में बुधवार देर शाम एक कंपनी का मोबाइल टावर हटवाने गए दरोगा से एक फौजी व उसके दूधिया भाई का विवाद हो गया। कहासुनी के बीच दोनों ने दरोगा की पिटाई की और उनकी वर्दी फाड़ दी।
घटना की जानकारी पाकर एसओ पुलिस बल लेकर गांव पहुंचे और जांच के साथ हमलावरों की तलाश शुरू की। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात है। अहिरन गढ़ेवा गांव निवासी बाबू सिंह, लाखन सिंह व जिलेदार सिंह सगे भाई हैं।
पूर्व में आपसी समझौते के तहत बाबू सिंह ने अपने हिस्से की भूमि पर निजी कंपनी का मोबाइल टावर लगवाया था। इधर एक वर्ष से लाखन सिंह व जिलेदार भी टावर का किराया मांग रहे थे। इसको लेकर तीनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था।
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पूर्व में बाबू सिंह ने पुलिस और टावर कंपनी के प्रतिनिधियों से इसकी शिकायत भी की थी। विवाद की स्थिति देख कंपनी के प्रतिनिधि बुधवार को टावर हटवाने गए थे। वहीं, सूचना पर शाम करीब पांच बजे रूरा थाने के दरोगा सुरजीत भी दो सिपाहियों को लेकर मौके पर पहुंचे।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने वार्ता के बाद उन्होंने टावर हटवाने को कहा तो कुछ कर्मी इसे खोलने लगे। इसी दौरान बाबू सिंह के भाई के फौजी पुत्र ने विरोध करते हुए मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस पर दरोगा सुरजीत ने मोबाइल छीन लिया।
इस पर फौजी ने दूध बेचने वाले अपने भाई के साथ मिलकर दरोगा व सिपाहियों से हाथापाई की। खींचतान कर दरोगा की वर्दी फाड़ दी। जानकारी पर मोहल्ले के अन्य लोगों ने बीच बचाव का प्रयास किया। इसी बीच किसी ने थाने में सूचना कर दी।
इस पर एसओ प्रवीण कुमार थाने से फोर्स लेकर गांव पहुंचे। तब तक अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर फरार हो गए। एसओ प्रवीण कुमार ने बताया कि मोबाइल टावर के विवाद को सुलझाने गए दरोगा व सिपाहियों से कुछ लोगों ने विवाद किया है।
सूचना पर फोर्स के साथ गांव पहुंचकर जांच कर रहे हैं। विवाद करने के आरोपी मौके से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि फौजी व कुछ अन्य लोगों ने दरोगा से हाथापाई की है। मामले में दरोगा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
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घटना की जानकारी पाकर एसओ पुलिस बल लेकर गांव पहुंचे और जांच के साथ हमलावरों की तलाश शुरू की। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात है। अहिरन गढ़ेवा गांव निवासी बाबू सिंह, लाखन सिंह व जिलेदार सिंह सगे भाई हैं।
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पूर्व में आपसी समझौते के तहत बाबू सिंह ने अपने हिस्से की भूमि पर निजी कंपनी का मोबाइल टावर लगवाया था। इधर एक वर्ष से लाखन सिंह व जिलेदार भी टावर का किराया मांग रहे थे। इसको लेकर तीनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था।
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पूर्व में बाबू सिंह ने पुलिस और टावर कंपनी के प्रतिनिधियों से इसकी शिकायत भी की थी। विवाद की स्थिति देख कंपनी के प्रतिनिधि बुधवार को टावर हटवाने गए थे। वहीं, सूचना पर शाम करीब पांच बजे रूरा थाने के दरोगा सुरजीत भी दो सिपाहियों को लेकर मौके पर पहुंचे।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने वार्ता के बाद उन्होंने टावर हटवाने को कहा तो कुछ कर्मी इसे खोलने लगे। इसी दौरान बाबू सिंह के भाई के फौजी पुत्र ने विरोध करते हुए मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस पर दरोगा सुरजीत ने मोबाइल छीन लिया।
इस पर फौजी ने दूध बेचने वाले अपने भाई के साथ मिलकर दरोगा व सिपाहियों से हाथापाई की। खींचतान कर दरोगा की वर्दी फाड़ दी। जानकारी पर मोहल्ले के अन्य लोगों ने बीच बचाव का प्रयास किया। इसी बीच किसी ने थाने में सूचना कर दी।
इस पर एसओ प्रवीण कुमार थाने से फोर्स लेकर गांव पहुंचे। तब तक अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर फरार हो गए। एसओ प्रवीण कुमार ने बताया कि मोबाइल टावर के विवाद को सुलझाने गए दरोगा व सिपाहियों से कुछ लोगों ने विवाद किया है।
सूचना पर फोर्स के साथ गांव पहुंचकर जांच कर रहे हैं। विवाद करने के आरोपी मौके से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि फौजी व कुछ अन्य लोगों ने दरोगा से हाथापाई की है। मामले में दरोगा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।