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Kanpur News: खानचंद्रपुर में मई में मिलेगी क्रोमियम कचरे से निजात, अब 12 हजार मीट्रिक टन की उठान शेष
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कानपुर देहात/रनियां। खानचंद्रपुर में मटियामऊ मार्ग किनारे खुले में डंप 85 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम की उठान मई में पूरी हो जाएगी। अब केवल 12 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा की उठान शेष है। एक कंपनी ने काम पूरा कर लिया है। दूसरी कंपनी को शेष उठान करनी है।
छह फैक्टरियों ने करीब 15 साल पहले क्रोमियम कचरा खानचंद्रपुर में एकत्र किया था। इससे भूजल दूषित हो गया तो हैंडपंप से क्रोमियम युक्त पानी आने लगा। लोगों को पेट, त्वचा और हड्डी की समस्याएं हुईं।
जानकारी पर एनजीटी ने सख्ती की तो सरकार ने इसके निस्तारण की पहल की। पिछले साल अकबरपुर के कुंभी स्थित कचरा निस्तारण की दो कंपनियों को नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर यह काम सौंपा गया।
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15 दिसंबर 2022 को सीपीसीबी की ओवर साइट कमेटी की निगरानी में दोनों कंपनियों ने खानचंद्रपुर से क्रोमियम कचरा उठाकर कुंभी में निस्तारण शुरू किया। भारत ऑयल एंड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को पांच हजार मीट्रिक टन और रैमकी को 80 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम उठाने का काम सौंपा गया।
17 मई 2023 तक पूरा क्रोमियम कचरा उठाने का लक्ष्य दिया गया। भारत ऑयल एंड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी ने शनिवार को पांच हजार मीट्रिक टन कचरा उठा लिया। इस कंपनी का काम पूरा हो गया है।
एक डंपर से 184 चक्कर लगाकर ये कचरा उठाया गया। जबकि रैमकी कंपनी ने अभी तक 68 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम की उठान कर ली है। मई में पूरा क्रोमियम कचरा उठान होने की उम्मीद है।
इधर क्रोमियम हटने के बाद गांवों में लगे हैंडपंपों से पीने योग्य पानी मिलने लगे इसकी आस बंधी है। अरुण कुमार, रवि पाल, किशन ने बताया कि क्रोमियम कचरा हटने से बारिश के मौसम में भूगर्भ जल अब दूषित नहीं होगा।
भारत ऑयल वेस्ट मैनेजमेंट ने लगभग पांच हजार मीट्रिक टन क्रोमियम उठा लिया है। रैमकी कंपनी ने 68 हजार मीट्रिक टन कचरा उठा लिया है। लक्ष्य 17 मई तक क्रोमियम कचरा उठान का काम पूरा कर लिया जाएगा। - आशुतोष पांडेय क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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छह फैक्टरियों ने करीब 15 साल पहले क्रोमियम कचरा खानचंद्रपुर में एकत्र किया था। इससे भूजल दूषित हो गया तो हैंडपंप से क्रोमियम युक्त पानी आने लगा। लोगों को पेट, त्वचा और हड्डी की समस्याएं हुईं।
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जानकारी पर एनजीटी ने सख्ती की तो सरकार ने इसके निस्तारण की पहल की। पिछले साल अकबरपुर के कुंभी स्थित कचरा निस्तारण की दो कंपनियों को नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर यह काम सौंपा गया।
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15 दिसंबर 2022 को सीपीसीबी की ओवर साइट कमेटी की निगरानी में दोनों कंपनियों ने खानचंद्रपुर से क्रोमियम कचरा उठाकर कुंभी में निस्तारण शुरू किया। भारत ऑयल एंड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी को पांच हजार मीट्रिक टन और रैमकी को 80 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम उठाने का काम सौंपा गया।
17 मई 2023 तक पूरा क्रोमियम कचरा उठाने का लक्ष्य दिया गया। भारत ऑयल एंड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी ने शनिवार को पांच हजार मीट्रिक टन कचरा उठा लिया। इस कंपनी का काम पूरा हो गया है।
एक डंपर से 184 चक्कर लगाकर ये कचरा उठाया गया। जबकि रैमकी कंपनी ने अभी तक 68 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम की उठान कर ली है। मई में पूरा क्रोमियम कचरा उठान होने की उम्मीद है।
इधर क्रोमियम हटने के बाद गांवों में लगे हैंडपंपों से पीने योग्य पानी मिलने लगे इसकी आस बंधी है। अरुण कुमार, रवि पाल, किशन ने बताया कि क्रोमियम कचरा हटने से बारिश के मौसम में भूगर्भ जल अब दूषित नहीं होगा।
भारत ऑयल वेस्ट मैनेजमेंट ने लगभग पांच हजार मीट्रिक टन क्रोमियम उठा लिया है। रैमकी कंपनी ने 68 हजार मीट्रिक टन कचरा उठा लिया है। लक्ष्य 17 मई तक क्रोमियम कचरा उठान का काम पूरा कर लिया जाएगा। - आशुतोष पांडेय क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी