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कानपुर देहात : बिकरू कांड में खुशी पर आरोप तय, बचाव पक्ष के अधिवक्ता बोले - पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं
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कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले में आरोपी खुशी दुबे पर आरोप निर्धारण को लेकर बुधवार को बहस हुई। खुशी पर आरोप निर्धारित होने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने विस्फोटक अधिनियम के तहत लगे आरोप में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट न होने का हवाला देकर आपत्ति की। मामले में अब सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है।
दो जुलाई 2020 को बिकरू में कुख्यात विकास दुुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस ने इस घटना के मुख्य आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने उस पर वह सभी गंभीर धाराएं लगाई जो विकास समेत अन्य कुख्यात पर लगाई गई हैं। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश 13 पाक्सो एक्ट कोर्ट शैलेंद्र वर्मा की अदालत में चल रही है।
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बुधवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि विस्फोटक अधिनियम के मामले में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट पत्रावली में नहीं लगाई गई है।
साथ ही खुशी के खिलाफ पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। उससे कोई बरामदगी भी नहीं है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि सुनवाई के बाद कोर्ट ने खुशी पर आरोप निर्धारण किया है।
गैंगस्टर मामले में मांगी केस डायरी की छाया प्रति
कानपुर देहात। बिकरू कांड के आरोपियों पर लगे गैंगस्टर के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश पंचम रवि यादव की कोर्ट में बुधवार को सभी आरोपी तलब किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने कोर्ट से कहा कि मामले की केस डायरी की छाया प्रति नहीं उपलब्ध कराई गई है। इससे आरोपी अपना पक्ष नहीं रख पा रहे हैं। कोर्ट से छाया प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। कोर्ट ने अब सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल तय की है। (संवाद)
बेहमई कांड की सुनवाई अब चार अप्रैल को
कानपुर देहात। बेहमई कांड में केस डायरी का अवलोकन होने की वजह से सुनवाई की तिथि फिर बढ़ा दी गई है। अब चार अप्रैल को सुनवाई होगी। पिछली तारीख में बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने वादी राजाराम के बयानों में भिन्नता पर सवाल उठाए थे।
इस पर कोर्ट ने केस डायरी के अवलोकन के लिए सुनवाई की तिथि 30 मार्च तय की थी। अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने बताया कि अब चार अप्रैल को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट में श्यामबाबू व विश्वनाथ उपस्थित रहे। जबकि अस्वस्थ होने के कारण पोसा को नहीं लाया जा रहा है। (संवाद)
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दो जुलाई 2020 को बिकरू में कुख्यात विकास दुुबे को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी। इसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस ने इस घटना के मुख्य आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी को भी आरोपी बनाया गया है।
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पुलिस ने उस पर वह सभी गंभीर धाराएं लगाई जो विकास समेत अन्य कुख्यात पर लगाई गई हैं। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश 13 पाक्सो एक्ट कोर्ट शैलेंद्र वर्मा की अदालत में चल रही है।
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बुधवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कोर्ट के समक्ष तर्क रखा कि विस्फोटक अधिनियम के मामले में विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट पत्रावली में नहीं लगाई गई है।
साथ ही खुशी के खिलाफ पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। उससे कोई बरामदगी भी नहीं है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि सुनवाई के बाद कोर्ट ने खुशी पर आरोप निर्धारण किया है।
गैंगस्टर मामले में मांगी केस डायरी की छाया प्रति
कानपुर देहात। बिकरू कांड के आरोपियों पर लगे गैंगस्टर के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश पंचम रवि यादव की कोर्ट में बुधवार को सभी आरोपी तलब किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने कोर्ट से कहा कि मामले की केस डायरी की छाया प्रति नहीं उपलब्ध कराई गई है। इससे आरोपी अपना पक्ष नहीं रख पा रहे हैं। कोर्ट से छाया प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। कोर्ट ने अब सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल तय की है। (संवाद)
बेहमई कांड की सुनवाई अब चार अप्रैल को
कानपुर देहात। बेहमई कांड में केस डायरी का अवलोकन होने की वजह से सुनवाई की तिथि फिर बढ़ा दी गई है। अब चार अप्रैल को सुनवाई होगी। पिछली तारीख में बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने वादी राजाराम के बयानों में भिन्नता पर सवाल उठाए थे।
इस पर कोर्ट ने केस डायरी के अवलोकन के लिए सुनवाई की तिथि 30 मार्च तय की थी। अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने बताया कि अब चार अप्रैल को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट में श्यामबाबू व विश्वनाथ उपस्थित रहे। जबकि अस्वस्थ होने के कारण पोसा को नहीं लाया जा रहा है। (संवाद)