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Kanpur News: विकास भवन में बैंक के मुख्य गेट व कैश रूम का ताला तोड़ा, पर चोरी में नहीं हुए सफल
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कानपुर देहात। माती में डीएम और एसपी दफ्तर के करीब स्थित विकास भवन में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य गेट का ताला तोड़कर शुक्रवार की रात चोरों ने चोरी का प्रयास किया। भीतर घुसे चोरों ने कैश रूम का एक ताला तोड़ दिया पर दूसरा नहीं तोड़ सके।
इससे चोरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। खास बात यह कि विकास भवन में तैनात पीआरडी व होमगार्ड कर्मियों को चोरों की भनक तक नहीं लगी। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में चेहरे पर अंगौछा लपेटे दो चोर कैद हुए हैं। एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति व एएसपी राजेश पांडेय ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
माती स्थित विकास भवन में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा में शनिवार की सुबह सफाई कर्मी मुकेश पहुंचा तो मेन गेट और भीतर कैश रूम का ताला टूटा देख। इस पर उसने शाखा प्रबंधक अजय कुमार त्रिपाठी को खबर दी।
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शाखा प्रबंधक बैंक पहुंचो तो देखा कि मेन गेट व कैश रूम का एक ताला टूटा है। वहीं, कैशरूम का दूसरा ताला बंद होने से चोर तिजोरी काटने में असफल रहे। इससे बैंक में रखा करीब 22 लाख रुपया सुरक्षित बच गया।
बैंक में चोरी के प्रयास की सूचना पर एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति व एएसपी राजेश पांडेय मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों व शाखा प्रबंधक से पूछताछ कर जानकारी ली। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखे तो अंगौधा बांधे दो चोर नजर आए। जांच के लिए आया डॉग स्क्वॉड विकास भवन परिसर में घूमकर लौट आया।
चौकीदार विजय से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि रात में मेन गेट का ताला बंद करने के बाद सुबह खोला था। रात में ड्यूटी पर लगे होमगार्ड अमित कुमार व पीआरडी कर्मी योगेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मेनगेट में ताला बंद होने के बाद वह वहीं पेड़ों की छाया में बैठे थे।
न कोई आया और न ही ताला खुला। बैंक का सायरन नहीं बजने के कारण अंदर क्या होता रहा, यह भी पता नहीं चला। एसपी ने बताया कि साक्ष्य जुटाकर चोरों की तलाश शुरू कर दी गई हैं। शाखा प्रबंधक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रात 12 बजे तक चौकीदार के रिश्तेदारों का लगा था आना-जाना
पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि शुक्रवार को चौकीदार का जन्मदिन था। इस पर उसके परिचित व रिश्तेदार देर रात 12 बजे तक विकास भवन आते रहे। इसके बाद भवन के मेन गेट पर ताला लगाकर वह घर चला गया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि चौकीदार का कोई रिश्तेदार या परिचित अंदर दाखिल हो गया और वापस निकला ही नहीं। ऐसे में बाहर से कोई आया नहीं। इसके चलते ही गार्डों को वारदात का पता नहीं चला। वहीं, सीडीओ कार्यालय में मरम्मत का काम भी चल रहा। इसमें काम कर रहे श्रमिक भी अंदर रुकते हैं। ऐसे में आशंका है कि उनमें से किसी ने वारदात को अंजाम देने की कोशिश की है।
विकास भवन के करीब रहते हैं पुलिस व प्रशासनिक अफसर
माती में जिस जगह पर विकास भवन है, वहां करीब में ही एसपी व डीएम का दफ्तर हैं। एसपी का आवास, सीडीओ, एडीएम और एसडीएम समेत कई अफसरों के आवास भी हैं। इन अफसरों के घर की सुरक्षा में पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी कर्मी मुस्तैद रहते हैं। इसके बाद भी चोर विकास भवन में दाखिल हो गए और बैंक का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। किसी को इसकी भनक भी नहीं लगी। पुलिस यह भी नहीं समझ सकी है कि जब विकास भवन के मेन गेट का ताला बंद रहा, सुरक्षा कर्मी भी गेट के बाहर तैनात रहे, तो आखिर चोर किस रास्ते से बैंक के अंदर पहुंचे थे।
बैंक में दिनभर काम रहा ठप
बैंक में शनिवार की सुबह ग्राहक अपने काम के लिए आए तो उन्हें वापस कर दिया। आधार में संशोधन समेत नए कार्ड बनवाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे तो उनको भी बैंक कर्मचारियों ने लौटाकर बाहर नोटिस चस्पा कर दी। अभी सभी को सोमवार को बुलाया गया है।
मैनेजर ने जमा कराईं चाबी
बैंक के मैनेजर अनिरुद्ध कुमार ने बैंक के सभी लॉकर की चाबी कर्मचारियों से जमा कराकर एक बॉक्स में रख दी हैं। इसके बाद अब यह चाबी पुलिस को दे दी जाएंगी। इसके अलावा सीनियर मैनेजर अजय कुमार त्रिपाठी के कमरे में किसी भी ग्राहक के आने पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि वहां सीसीटीवी कैमरे का पूरा सिस्टम लगा हुआ है।
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इससे चोरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। खास बात यह कि विकास भवन में तैनात पीआरडी व होमगार्ड कर्मियों को चोरों की भनक तक नहीं लगी। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में चेहरे पर अंगौछा लपेटे दो चोर कैद हुए हैं। एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति व एएसपी राजेश पांडेय ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
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माती स्थित विकास भवन में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा में शनिवार की सुबह सफाई कर्मी मुकेश पहुंचा तो मेन गेट और भीतर कैश रूम का ताला टूटा देख। इस पर उसने शाखा प्रबंधक अजय कुमार त्रिपाठी को खबर दी।
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शाखा प्रबंधक बैंक पहुंचो तो देखा कि मेन गेट व कैश रूम का एक ताला टूटा है। वहीं, कैशरूम का दूसरा ताला बंद होने से चोर तिजोरी काटने में असफल रहे। इससे बैंक में रखा करीब 22 लाख रुपया सुरक्षित बच गया।
बैंक में चोरी के प्रयास की सूचना पर एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति व एएसपी राजेश पांडेय मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों व शाखा प्रबंधक से पूछताछ कर जानकारी ली। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखे तो अंगौधा बांधे दो चोर नजर आए। जांच के लिए आया डॉग स्क्वॉड विकास भवन परिसर में घूमकर लौट आया।
चौकीदार विजय से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि रात में मेन गेट का ताला बंद करने के बाद सुबह खोला था। रात में ड्यूटी पर लगे होमगार्ड अमित कुमार व पीआरडी कर्मी योगेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मेनगेट में ताला बंद होने के बाद वह वहीं पेड़ों की छाया में बैठे थे।
न कोई आया और न ही ताला खुला। बैंक का सायरन नहीं बजने के कारण अंदर क्या होता रहा, यह भी पता नहीं चला। एसपी ने बताया कि साक्ष्य जुटाकर चोरों की तलाश शुरू कर दी गई हैं। शाखा प्रबंधक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रात 12 बजे तक चौकीदार के रिश्तेदारों का लगा था आना-जाना
पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि शुक्रवार को चौकीदार का जन्मदिन था। इस पर उसके परिचित व रिश्तेदार देर रात 12 बजे तक विकास भवन आते रहे। इसके बाद भवन के मेन गेट पर ताला लगाकर वह घर चला गया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि चौकीदार का कोई रिश्तेदार या परिचित अंदर दाखिल हो गया और वापस निकला ही नहीं। ऐसे में बाहर से कोई आया नहीं। इसके चलते ही गार्डों को वारदात का पता नहीं चला। वहीं, सीडीओ कार्यालय में मरम्मत का काम भी चल रहा। इसमें काम कर रहे श्रमिक भी अंदर रुकते हैं। ऐसे में आशंका है कि उनमें से किसी ने वारदात को अंजाम देने की कोशिश की है।
विकास भवन के करीब रहते हैं पुलिस व प्रशासनिक अफसर
माती में जिस जगह पर विकास भवन है, वहां करीब में ही एसपी व डीएम का दफ्तर हैं। एसपी का आवास, सीडीओ, एडीएम और एसडीएम समेत कई अफसरों के आवास भी हैं। इन अफसरों के घर की सुरक्षा में पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी कर्मी मुस्तैद रहते हैं। इसके बाद भी चोर विकास भवन में दाखिल हो गए और बैंक का ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। किसी को इसकी भनक भी नहीं लगी। पुलिस यह भी नहीं समझ सकी है कि जब विकास भवन के मेन गेट का ताला बंद रहा, सुरक्षा कर्मी भी गेट के बाहर तैनात रहे, तो आखिर चोर किस रास्ते से बैंक के अंदर पहुंचे थे।
बैंक में दिनभर काम रहा ठप
बैंक में शनिवार की सुबह ग्राहक अपने काम के लिए आए तो उन्हें वापस कर दिया। आधार में संशोधन समेत नए कार्ड बनवाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे तो उनको भी बैंक कर्मचारियों ने लौटाकर बाहर नोटिस चस्पा कर दी। अभी सभी को सोमवार को बुलाया गया है।
मैनेजर ने जमा कराईं चाबी
बैंक के मैनेजर अनिरुद्ध कुमार ने बैंक के सभी लॉकर की चाबी कर्मचारियों से जमा कराकर एक बॉक्स में रख दी हैं। इसके बाद अब यह चाबी पुलिस को दे दी जाएंगी। इसके अलावा सीनियर मैनेजर अजय कुमार त्रिपाठी के कमरे में किसी भी ग्राहक के आने पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि वहां सीसीटीवी कैमरे का पूरा सिस्टम लगा हुआ है।