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कानपुर देहात: जिला अस्पताल में मृतक को डेढ़ घंटे चढ़ता रहा ग्लूकोज, डॉक्टर ने हटाई ड्रिप
Mon, 22 Nov 2021 03:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 22 Nov 2021 03:53 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के जिला अस्पताल में एक बेहद चौंकाने वाला मामला समाने आया है। यहां स्टॉफ नर्स की लापरवाही से मृतक अधेड़ को करीब डेढ़ घंटे ग्लूकोज की बोतल चढ़ती रही।
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कानपुर देहात जिला अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर देहात जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही है। रविवार रात एक नया मामला सामने आया है। स्टॉफ नर्स की लापरवाही से मृतक अधेड़ को करीब डेढ़ घंटे ग्लूकोज की बोतल चढ़ती रही। जानकारी होने के बाद डॉक्टर ने ड्रिप हटाई। इस मामले की जानकारी सीएमएस सिंह को दी गई है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार रात की शिफ्ट में डॉ. मयंक मिश्रा की ड्यूटी पर थे। उनके साथ ड्यूटी वार्ड आया, ब्वॉय और नर्स थी। रविवार रात माती रोड स्थित होटल के सामने घायल अवस्था में पड़ा शाहजादपुर निवासी गणेश (55) खून की उल्टी कर रहा था। होटल कर्मचारी उसे रात में जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले गए।
जहां डॉ. मयंक ने गणेश को ड्रिप लगाकर ग्लूकोज चढ़ाया। भर्ती होने के 40 मिनट बाद गणेश की मौत हो गई। इसी बीच अकबरपुर के कुंभी गांव के पास हादसे में घायल आ गए। डॉक्टर उनके उपचार में लग गए। डॉ. मयंक ने बताया कि घायल गणेश की मौत के करीब डेढ़ घंटे बाद तक भी ड्रिप लगी रही थी।
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जिसे हटाने की जिम्मेदारी नर्स की थी, लेकिन वह भूल गईं। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में सिर्फ वॉर्ड ब्वाय शशीकांत की ड्यूटी थी। उन्होंने बताया कि तकरीबन डेढ़ घंटे तक ग्लूकोज चढ़ता रहा। सुबह तीन बजे वार्ड ब्वॉय शशिकांत ने सफाई कर्मचारी की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार रात की शिफ्ट में डॉ. मयंक मिश्रा की ड्यूटी पर थे। उनके साथ ड्यूटी वार्ड आया, ब्वॉय और नर्स थी। रविवार रात माती रोड स्थित होटल के सामने घायल अवस्था में पड़ा शाहजादपुर निवासी गणेश (55) खून की उल्टी कर रहा था। होटल कर्मचारी उसे रात में जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले गए।
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जहां डॉ. मयंक ने गणेश को ड्रिप लगाकर ग्लूकोज चढ़ाया। भर्ती होने के 40 मिनट बाद गणेश की मौत हो गई। इसी बीच अकबरपुर के कुंभी गांव के पास हादसे में घायल आ गए। डॉक्टर उनके उपचार में लग गए। डॉ. मयंक ने बताया कि घायल गणेश की मौत के करीब डेढ़ घंटे बाद तक भी ड्रिप लगी रही थी।
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जिसे हटाने की जिम्मेदारी नर्स की थी, लेकिन वह भूल गईं। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में सिर्फ वॉर्ड ब्वाय शशीकांत की ड्यूटी थी। उन्होंने बताया कि तकरीबन डेढ़ घंटे तक ग्लूकोज चढ़ता रहा। सुबह तीन बजे वार्ड ब्वॉय शशिकांत ने सफाई कर्मचारी की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
खून के थक्के जमने से पहले तक चढ़ता है ग्लूकोज
ईएमओ डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि मृत इंसान में जब तक खून के थक्के नहीं जम जाते हैं, तब तक ग्लूकोज की बोतल धीरे-धीरे चढ़ती रहती है।
नर्स की लापरवाही पर डॉक्टर ने लगाई फटकार
डॉ. मयंक मिश्रा ने गणेश को मृत घोषित कर दिया था। इस दौरान बॉडी में ड्रिप लगी हुई थी। इसके बाद डॉ. ने नर्स से ड्रिप हटाने के निर्देश दिए, लेकिन वह किसी और काम में लग गईं। कुछ देर बाद शव को इमजेंसी में फिर देखा तो उन्होंने नर्स को फटकार लगाई।
जान कर अंजान बनीं सीएमएस
जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे सीएमएस डॉ. वंदना सिंह इमरजेंसी का निरीक्षण करने आईं तो डॉ. मयंक ने पूरी प्रकरण से अवगत कराया तो उन्होंने स्टॉफ पर नाराजगी जताई। डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी नहीं है।
ईएमओ डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि मृत इंसान में जब तक खून के थक्के नहीं जम जाते हैं, तब तक ग्लूकोज की बोतल धीरे-धीरे चढ़ती रहती है।
नर्स की लापरवाही पर डॉक्टर ने लगाई फटकार
डॉ. मयंक मिश्रा ने गणेश को मृत घोषित कर दिया था। इस दौरान बॉडी में ड्रिप लगी हुई थी। इसके बाद डॉ. ने नर्स से ड्रिप हटाने के निर्देश दिए, लेकिन वह किसी और काम में लग गईं। कुछ देर बाद शव को इमजेंसी में फिर देखा तो उन्होंने नर्स को फटकार लगाई।
जान कर अंजान बनीं सीएमएस
जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे सीएमएस डॉ. वंदना सिंह इमरजेंसी का निरीक्षण करने आईं तो डॉ. मयंक ने पूरी प्रकरण से अवगत कराया तो उन्होंने स्टॉफ पर नाराजगी जताई। डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी नहीं है।