{"_id":"689cd2958ecbad52c30f37d2","slug":"kanpur-complaint-given-to-cp-for-report-on-akhilesh-dubey-gang-2025-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: अधिवक्ता अखिलेश दुबे गैंग पर रिपोर्ट के लिए सीपी को दी तहरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: अधिवक्ता अखिलेश दुबे गैंग पर रिपोर्ट के लिए सीपी को दी तहरीर
Wed, 13 Aug 2025 11:29 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 13 Aug 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
अखिलेश दुबे
- फोटो : amar ujala
गैरकानूनी तरीके से असलहों के लाइसेंस लेने और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करने के मामले में अखिलेश दुबे, उसके भाई सर्वेश दुबे, निखलेश दुबे, बृजेश दुबे, अखिलेश की बेटी सौम्या दुबे व राजकुमार शुक्ला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस कमिश्नर को पत्र दिया गया है। कानपुर देहात बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव सौरभ भदौरिया की ओर से दिए गए शिकायती पत्र में अखिलेश दुबे के साथ उसके गैंग में शामिल परिवार के अन्य लोगों की भी जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।शिकायती पत्र में कहा गया है कि अखिलेश दुबे एक संगठित गिरोह चलाता है। वर्ष 1980-90 के दशक में लुधियाना की फर्जी रिहाइश दिखाकर अखिलेश ने 1985 में, सर्वेश ने 1992 में, निखलेश ने पटियाला और लुधियाना से 1990 में असलहों का लाइसेंस ले लिया। निखलेश ने एक ही तारीख पर दो अलग-अलग जगहों की रिहाइश दिखाकर लाइसेंस लिया। उत्तर प्रदेश के निवास से आपराधिक इतिहास को छिपाकर लाइसेंस लिया गया। वर्तमान में इनके परिवार के सदस्यों के नाम दर्जन भर से ज्यादा असलहे स्वीकृत हैं।
परमट में 4028 वर्गगज जमीन पर अखिलेश के गुर्गे राजकुमार शुक्ला ने सर्वेश दुबे को फर्जी तरीके से 29 साल 11 महीने के लिए लीजडीड कर दी और इसमें अखिलेश की बेटी सौम्या दुबे को पंच बनाया गया। डीएम द्वारा कराई गई जांच में साफ हो गया है कि उक्त जमीन पर राजकुमार शुक्ला के सारे अधिकार वर्ष 2010 में ही खत्म हो गए थे। इसके बाद किए गए पट्टे को अवैध करार दिया गया तो अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2024 में मुन्नीदेवी के नाम से याचिका लंबित होने की बात कही गई जबकि मुन्नी देवी की वर्ष 2015 में ही मौत हो चुकी है। अखिलेश गैंग के लोगों ने मरे हुए लोगों की पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर अदालतों में मुकदमे दाखिल किए और करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। बृज किशोर स्मारक संस्थान के प्रबंधक बृजेश दुबे की ओर से राजकुमार शुक्ला के साथ मिलकर बिना डीएम की अनुमति के संस्थान के पास से सटी चकरोड (सरकारी रास्ते) को बेचा जा रहा है।
गिरोह ने कई पार्कों पर कब्जा कर रखा है और एक व्यापारी नेता, उसके बेटे व एक अन्य अधिवक्ता की मदद से अदालतों में झूठे मुकदमे दाखिल कर भूस्वामियों को प्रताड़ित किया जाता है। नाबालिग लड़कियों से फर्जी मुकदमे दाखिल कराए जाते हैं। इन सभी आरोपों की जांच कराकर अखिलेश दुबे गैंग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
परमट में 4028 वर्गगज जमीन पर अखिलेश के गुर्गे राजकुमार शुक्ला ने सर्वेश दुबे को फर्जी तरीके से 29 साल 11 महीने के लिए लीजडीड कर दी और इसमें अखिलेश की बेटी सौम्या दुबे को पंच बनाया गया। डीएम द्वारा कराई गई जांच में साफ हो गया है कि उक्त जमीन पर राजकुमार शुक्ला के सारे अधिकार वर्ष 2010 में ही खत्म हो गए थे। इसके बाद किए गए पट्टे को अवैध करार दिया गया तो अखिलेश ने सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2024 में मुन्नीदेवी के नाम से याचिका लंबित होने की बात कही गई जबकि मुन्नी देवी की वर्ष 2015 में ही मौत हो चुकी है। अखिलेश गैंग के लोगों ने मरे हुए लोगों की पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर अदालतों में मुकदमे दाखिल किए और करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। बृज किशोर स्मारक संस्थान के प्रबंधक बृजेश दुबे की ओर से राजकुमार शुक्ला के साथ मिलकर बिना डीएम की अनुमति के संस्थान के पास से सटी चकरोड (सरकारी रास्ते) को बेचा जा रहा है।
विज्ञापन
गिरोह ने कई पार्कों पर कब्जा कर रखा है और एक व्यापारी नेता, उसके बेटे व एक अन्य अधिवक्ता की मदद से अदालतों में झूठे मुकदमे दाखिल कर भूस्वामियों को प्रताड़ित किया जाता है। नाबालिग लड़कियों से फर्जी मुकदमे दाखिल कराए जाते हैं। इन सभी आरोपों की जांच कराकर अखिलेश दुबे गैंग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
विज्ञापन