Kanpur: बायोरेमेडिएशन में लापरवाही पर कंपनी को छह लाख का जुर्माना, रानी घाट पर काम ठप मिलने पर कार्रवाई
Kanpur News: अमर उजाला'की खबर के बाद नगर निगम ने रानी घाट पर काम बंद मिलने पर कंपनी पर 6 लाख का जुर्माना लगाया। हालांकि गंदा नाला में शोधन के दावों पर अब भी पेंच फंसा है।
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कानपुर अमर उजाला में गुरुवार को बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी का मामला प्रकाशित होते ही नगर आयुक्त ने प्रभारी अधिकारी (पर्यावरण) दिवाकर भास्कर से जांच कराई। उन्होंने रानी घाट में बाॅयोरेमेडिएशन कार्य ठप होने पर कंपनी पर छह लाख का जुर्माना लगाया पर गंदा नाला में गंदा पानी शोधित न होने पर कोई कार्रवाई नहीं की।
दावा किया कि वहां गुरुवार दोपहर में निरीक्षण के दौरान बाॅयोरेमेडिएशन होता मिला जबकि शाम को अमर उजाला ने पड़ताल की तो टंकी खाली नजर आई। नगर निगम बाॅयोग्रीन कंपनी (आर्गनिक 12 साइंटफिक प्राइवेट लिमिटेड) से करीब सात करोड़ रुपये से गंगा और पांडु नदी में गिर रहे नालों के पानी को बाॅयोरेमेडिएशन विधि से शोधित करा रहा है।
कंपनी पर छह लाख रुपये जुर्माना
अमर उजाला की 15 अप्रैल की पड़ताल में इस कंपनी की तरफ से गंदा नाला का पानी शोधित करने के लिए शास्त्री चौक में रखवाया गया टैंकर खाली मिला था। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि रानीघाट में बॉयोरेमेडिएशन नहीं हो रहा था। इसलिए कंपनी पर छह लाख रुपये जुर्माना लगाया है। उन्होंने दावा किया कि दोपहर में शास्त्री चौक में गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन होता मिला। शाम को वहां टंकी खाली होने की सूचना मिली है, इसकी 17 अप्रैल को जांच कराएंगे।