UP: इरफान बोला- सीसामऊ में उपचुनाव नहीं होगा, इंसाफ अभी बाकी है, धमकी और मारपीट मामले में आरोप तय
नसीम-आरिफ की जमीन कब्जाने के मामले में इरफान व रिजवान समेत छह लोगों पर आरोप तय हुए हैं। मुकदमे में 21 अगस्त से गवाही शुरू हो जाएगी।
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कानपुर में जमीन कब्जाने, बलवा, घर में घुसकर मारपीट करने व जानमाल की धमकी देने के आरोप में पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत छह लोगों के खिलाफ बुधवार को एसीजेएम द्वितीय आनन्देश सिंह ने आरोप तय कर दिए। मुकदमे में 21 अगस्त से गवाही शुरू हो जाएगी।
मंगलवार को सुनवाई के लिए इरफान को महाराजगंज जेल से कड़ी सुरक्षा में लगभग 1 बजे कानपुर लाया गया। कोर्ट में पेशी के बाद लगभग 3 बजे वापस ले जाया गया। आरोप है कि बेकनगंज के कंघी मोहाल निवासी मो.नसीम आरिफ की 500 वर्गमीटर जमीन पर इरफान ने कब्जा कर लिया। जब मौके पर गया तो इरफान व अन्य ने डराया धमकाया। विरोध पर बुरी तरह मारापीटा। यही नहीं रिजवान ने मुंह में पिस्टल लगा नसीम व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी। नसीम के साथ गए शारिक अलीम बरकाती ने किसी तरह हाथ-पैर जोड़कर नसीम को बचाकर लाया। 6 दिसंबर 2022 को नसीम ने जाजमऊ थाने में इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान, चाचा इश्तियाक सोलंकी, आसिफ दलाल, शब्बर हुसैन, अब्दुल मोईद व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले में इरफान, रिजवान, इश्तियाक, आसिफ, शब्बर व मोईद के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। बुधवार को अदालत में इन सभी के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए। आरोप पर बहस के दौरान इरफान के अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी व शिवाकांत दीक्षित ने तर्क रखा कि एफआईआर में घटना की कोई तारीख नहीं लिखी गई है। सभी का सामान्य आशय या सामान्य राय नहीं बताई गई है। सभी लोग अलग-अलग दुश्मनी के लिए एक साथ कोई घटना नहीं कर सकते। हालांकि अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि नसीम की जमीन कब्जाने के लिए बलवा व मारपीट की गई। तत्कालीन विधायक के रसूख के कारण उस समय एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी लेकिन जब विधायक दूसरे मुकदमे में फंसे तब जांच के दौरान नसीम ने अपनी शिकायत दर्ज कराई।
सीसामऊ में नहीं होगा उपचुनाव
कोर्ट में पेशी पर जाते समय इरफान ने कहा कि सीसामऊ में उपचुनाव नहीं होगा। उन्होंने कहा इंसाफ अभी बाकी है। जाजमऊ आगजनी मामले में 7 जून को सजा सुनाए जाने के बाद पहली बार इरफान को महाराजगंज जेल से कानपुर लाया गया। सजा पर सुनवाई के दौरान भी वह कानपुर नहीं लाए गए थे। 27 मई को वह पेशी पर आए थे। लगभग दो माह बाद दोबारा उन्हें कानपुर लाया गया।
धारा 147 - बलवा - दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों
धारा 323 - मारपीट - एक साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों
धारा 327 - संपत्ति हथियाने के लिए मारपीट - दस साल तक की कैद और जुर्माना
धारा 506 - जान से मारने की धमकी - दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों
धारा 448 - दूसरे के घर में घुसना - एक साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों
इरफान को जेल में नहीं मिल रहीं सुविधाएं
इरफान की ओर से एक प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया गया जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने की बात कही। अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि डॉक्टर ने उनका एमआरआई व सीटी स्कैन कराने की सलाह दी है लेकिन जेल प्रशासन नहीं करा रहा। उनका सही इलाज नहीं कराया जा रहा। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को नियमानुसार कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
अल्लाह पर भरोसा, आज नहीं तो कल इंसाफ होगा
पेशी के दौरान इरफान से मिलने उनकी पत्नी नसीम व बच्चे भी पहुंचे थे। नसीम ने कहा कि अल्लाह पर यकीन है। इरफान की यही इच्छा है कि हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई हो जाए। सजा पर स्टे मिल जाए और सीट बच जाए। उपचुनाव ही न हों। अगर उपचुनाव की नौबत आती है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष की बात का सम्मान रखेंगे। आगजनी मामले की वादिनी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने झूठा मुकदमा लिखाया है, झूठे आरोप लगाए हैं, आज नहीं तो कल इंसाफ होगा।