कानपुर की चकरपुर मंडी में गुरुवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। एलपीजी के सात सिलिंडर फटने से आग ने विकराल रूप ले लिया। सूचना पर दमकल की आठ गाड़ियां पहुंचीं और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान मंडी की 44 दुकानें राख हो गईं। दुकानों में रखे फल, सब्जियां, नकदी और दस्तावेज जलने से करीब चार करोड़ का नुकसान हुआ है।
सचेंडी स्थित चकरपुर मंडी के चबूतरा नंबर छह पर लाल बच्चन, याकूब, आसिफ मुजीद, सौरभ, शाहरुख, हक ब्रदर्स, अब्दुल जलील, अभिनेश पाल, अली वारिस व अन्य की फल और सब्जियों की 44 दुकानें हैं। लोगों के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे लाल बच्चन की दुकान नंबर दो में खंभे से आई केबल में शॉर्ट सर्किट से चिंगारी निकली और फलों को पैक करने वाली घास में आ गिरी।
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चकरपुर मंडी अग्निकांड
- फोटो : amar ujala
फायर स्टेशनों से आठ गाड़ियां पहुंचीं थीं
प्लास्टिक के क्रेट और बोरे रखे होने के चलते कुछ ही देर में आग भड़क गई और विकराल रूप ले लिया। तेज हवा के चलते आग लाल बच्चन की दुकान से निकल कर अगल-बगल की दुकानों में फैल गई। इसके बाद दुकानों में रखे एलपीजी सिलिंडरों में ब्लॉस्ट होने लगे तो पूरी मंडी में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन दमकल को सूचना दी गई। मौके पर पनकी, फजलगंज, मीरपुर, कर्नलगंज, जाजमऊ, माती के फायर स्टेशनों से आठ गाड़ियां पहुंचीं और तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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तेज धमाकों से दहल गया इलाका, 10 किमी दूर से दिखा धुआं
चकरपुर मंडी की फल और सब्जियों की दुकानों में काम करने वाले पल्लेदार एलपीजी सिलिंडरों में खाना बनाते हैं। एक दुकान पर 4-5 पल्लेदार काम करते हैं। गुरुवार को आग लगने के बाद सात सिलिंडर धमाके के साथ फट गए। इससे आसपास का इलाका दहल उठा। आग की लपटें करीब 10 मीटर तक उठ रही थीं। करीब 10 किमी दूर से आग का धुआं उठता दिखाई दे रहा था।
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65 एकड़ में फैली मंडी में आग से बचाव के उपाय नहीं
65 एकड़ में फैली चकरपुर मंडी में 600 दुकानें रजिस्टर्ड हैं। यह प्रदेश की बड़ी मंडियों में शुमार है। रोजाना सैकड़ों ट्रकों की आवाजाही होती है। करोड़ों का व्यापार होता है। इसके बावजूद यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है। आग बुझाने के यंत्र नहीं हैं। मंडी के गेट से घटनास्थल तक पहुंचने में दमकल की गाड़ी को 15 मिनट लग गए। यही कारण है कि आग लगने के बाद व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। हरी सब्जी आढ़ती व्यापार मंडल अध्यक्ष सौरभ पांडेय, सरदार नीतू सिंह ने बताया कि मंडी समिति ने यहां कोई व्यवस्था नहीं की है। आग से बचाव के उपकरण तक नहीं है।
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अनार, अदरक, टमाटर नष्ट
आग से दुकानों में रखा चार लाख रुपये का टमाटर, 12 लाख की अदरक, चार लाख की गाजर, पांच लाख की इमली, लाखों रुपये के नींबू के अलावा अनार, सेब, अंगूर सहित करोड़ों रुपये रुपये का नुकसान हो गया।