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कानपुर: मीरपुर अस्पताल के पूर्व प्रभारी पर 50 लाख की धोखाधड़ी का केस, फर्जी दस्तावेज की मदद से ली पेंशन
Thu, 19 Aug 2021 06:01 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 19 Aug 2021 06:01 AM IST
सार
आरोपी पूर्व प्रभारी लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में रहता है। रेल बाजार इंस्पेक्टर रवि कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ निवासी डॉ. सुशील चंद्र तिवारी मीरपुर चिकित्सालय में प्रभारी के पद पर तैनात रहे हैं।
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धोखाधड़ी
- फोटो : गूगल
विस्तार
कानपुर में मीरपुर अस्पताल के एक पूर्व प्रभारी पर रेल बाजार थाने में बुधवार रात धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि अपात्र होने के बावजूद आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभाग में लगाए और छह साल में 50 लाख रुपये की पेंशन उठा ली।
वर्तमान अस्पताल प्रभारी माधुरी वर्मा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी पूर्व प्रभारी लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में रहता है। रेल बाजार इंस्पेक्टर रवि कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ निवासी डॉ. सुशील चंद्र तिवारी मीरपुर चिकित्सालय में प्रभारी के पद पर तैनात रहे हैं।
यहीं से 2015 में रिटायर्ड हुए थे। अस्पताल के वर्तमान प्रभारी की तहरीर के मुताबिक रिटायर्ड होने के बाद से अब तक 50 लाख रुपये का पेंशन लाभ डॉ. सुशील चंद्र ले चुके हैं। वे पेंशन के लिए पात्र नहीं थे। विभागीय जांच में दोषी पाए गए। उसी रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है।
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इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले में विभाग ने आरोपों के सापेक्ष दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। उनका सत्यापन किया जाएगा। आरोपी डॉ. सुशील को बयान के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही उनका बैंक डिटेल भी निकलवाया जाएगा।
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वर्तमान अस्पताल प्रभारी माधुरी वर्मा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी पूर्व प्रभारी लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में रहता है। रेल बाजार इंस्पेक्टर रवि कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ निवासी डॉ. सुशील चंद्र तिवारी मीरपुर चिकित्सालय में प्रभारी के पद पर तैनात रहे हैं।
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यहीं से 2015 में रिटायर्ड हुए थे। अस्पताल के वर्तमान प्रभारी की तहरीर के मुताबिक रिटायर्ड होने के बाद से अब तक 50 लाख रुपये का पेंशन लाभ डॉ. सुशील चंद्र ले चुके हैं। वे पेंशन के लिए पात्र नहीं थे। विभागीय जांच में दोषी पाए गए। उसी रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है।
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इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले में विभाग ने आरोपों के सापेक्ष दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। उनका सत्यापन किया जाएगा। आरोपी डॉ. सुशील को बयान के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही उनका बैंक डिटेल भी निकलवाया जाएगा।