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Kanpur: ई-रिक्शा व ऑटो में स्कूली बच्चे ले जाना प्रतिबंधित, फिर भी मासूमों की खतरे में डाल रहे जान, पढ़ें डिटेल

Fri, 12 Sep 2025 05:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 12 Sep 2025 05:25 PM IST
सार

Kanpur News: अमर उजाला की टीम को ज्यादातर वैन प्राइवेट पंजीकरण पर दौड़ती दिखीं, जबकि उनका सीधा-सीधा उपयोग व्यवसायिक था। ई-रिक्शा और ऑटो भी स्कूलों से बच्चे ढोते नजर आए।

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Kanpur Carrying school children in erickshaws and autos is banned yet lives of innocent being put in danger
ई-रिक्शा पर स्कूली बच्चों को बैठा कर जाता चालक - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर रोजाना बच्चों को लेकर सैकड़ों खटारा बस, वैन, ई-रिक्शा, ऑटो दौड़ रहे हैं। ई-रिक्शा और ऑटो पर स्कूली बच्चे लाने पर प्रतिबंध है। फिर भी धड़ल्ले से ये स्कूलों से बच्चे ला रहे हैं। आरटीओ इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। भीतरगांव ब्लाॅक के गोपालपुर गांव को जाने वाले मार्ग पर गुरुवार को बच्चों से भरी एक खटारा बस खंती में गिर गई।

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Kanpur Carrying school children in erickshaws and autos is banned yet lives of innocent being put in danger
ई-रिक्शा में बैठे स्कूली बच्चे - फोटो : amar ujala

बस के नंबर को आरटीओ के एप के माध्यम से चेक किया तो पाया कि बस का इंन्श्योरेंस 2018 में एक्सपायर हो चुका है। 2016 के बाद फिटनेस भी नहीं कराई गई। इतनी खामियां मिलने के बाद अमर उजाला की टीम ने रामादेवी, गुमटी, पनकी क्षेत्र स्थित स्कूलों से छुट्टी के दौरान वाहनों की हकीकत परखी। ज्यादातर वैन प्राइवेट पंजीकरण पर दौड़ती दिखीं, जबकि उनका सीधा-सीधा उपयोग व्यवसायिक था। ई-रिक्शा और ऑटो भी स्कूलों से बच्चे ढोते नजर आए।

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Kanpur Carrying school children in erickshaws and autos is banned yet lives of innocent being put in danger
ई-रिक्शा में जाते स्कूली बच्चे - फोटो : amar ujala

सुरक्षा मानकों की उड़ रहीं धज्जियां
नियम कहते हैं कि स्कूली वैन की खिड़कियों पर लोहे की जाली और पीली पट्टी पर ‘स्कूल वैन’ लिखा होना चाहिए। पड़ताल में सामने आया कि पांच में चार वैनों में न जाली थी और न ही पहचान पट्टी। यानी बच्चे का सिर बाहर निकला तो बड़ा हादसा हो सकता है।

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ई-रिक्शा में सवार स्कूली बच्चे - फोटो : amar ujala

आरटीओ के रिकॉर्ड में ये पंजीकृत वाहन

  • मैक्सी कैब– 581
  • मोटर कैब– 3599
  • ओमनी बस– 158
  • एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बस– 258

Kanpur Carrying school children in erickshaws and autos is banned yet lives of innocent being put in danger
क्षमता से अधिक ई-रिक्शा में बैठक कर जाते बच्चे - फोटो : amar ujala

चार माह में 32 मिनी बसों पर हुई कार्रवाई
आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि अप्रैल से अगस्त तक विभाग ने 65 मिनी बस, 339 वाहनों के चालान किए गए हैं। 32 मिनी बस को बंद करने की कार्रवाई की गई है। लगातार अभियान चलाकर नियम विपरीत दौड़ रहे स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है।

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