फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Bioremediation Exists Only on Paper as Pandu and Ganga Rivers Continue to Deteriorate

Kanpur: कागजों में हो रहा बायोरेमेडिएशन, पांडु-गंगा हो रहीं गंदी, कंपनी ने टैंक भरने वाले नौ कर्मियों को हटाया

Thu, 16 Apr 2026 04:00 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 16 Apr 2026 04:00 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में बायोग्रीन कंपनी बायोरेमेडिएशन के नाम पर करोड़ों डकार रही है, जबकि टैंक खाली होने से नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में गिर रहा है।

विज्ञापन
Kanpur Bioremediation Exists Only on Paper as Pandu and Ganga Rivers Continue to Deteriorate
गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर नगर निगम की ठेकेदार कंपनी गंदे नाले के पानी का केवल कागजों में बायोरेमेडिएशन कर रही है। इससे पांडु और गंगा नदियां लगातार प्रदूषित हो रही है। नगर निगम ने गंगा और पांडु नदी में गिर रहे 14 नालों के पानी को शोधित करने का ठेका बायोग्रीन कंपनी को करीब सात करोड़ रुपये का दिया है। कंपनी ने शोधन के लिए 25 टैंक लगाए हैं। नियमानुसार इन टैंकों में रोज विशेष तरह का रसायन डालना चाहिए।

विज्ञापन

इस रसायन में मौजूद बैक्टीरिया गंदगी अवशोषित करते रहते हैं। इस प्रकार शोधित पानी नदियों में प्रवाहित होना चाहिए पर वास्तव में ऐसा नहीं हो रहा। नगर निगम ने कंपनी को 17 अक्तूबर 2025 को दो करोड़ रुपये का भुगतान किया था। कंपनी ने 4.28 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। अमर उजाला ने बुधवार को शाम 4:40 बजे गंदा नाला का निरीक्षण किया।

विज्ञापन

Kanpur Bioremediation Exists Only on Paper as Pandu and Ganga Rivers Continue to Deteriorate
गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी - फोटो : amar ujala

बिना शोधन के पांडु नदी में जा रहा था गंदा पानी
इसमें बायोरेमेडिएशन के नाम पर हो रही खानापूरी का खुलासा हुआ। शास्त्री चौक चौराहे के पास रखा गंदा नाला टैंक नंबर-एक खाली मिला जिसमें रसायन तो दूर पानी भी नहीं था। तली में सूखी काई की पपड़ी उखड़ रही थी जिससे कई दिन से रसायन न डाले जाने का संकेत मिला। केडीएमए स्कूल के आगे पुलिया के पास रखा टैंक नंबर-तीन भी सूखा मिला, जहां से गंदा पानी बिना शोधन के पांडु नदी में जा रहा था।

Kanpur Bioremediation Exists Only on Paper as Pandu and Ganga Rivers Continue to Deteriorate
गंदा नाला में बाॅयोरेमेडिएशन के नाम पर खानापूरी - फोटो : amar ujala

लगे टैंकों को भरने का कार्य तीन कर्मियों के जिम्मे
बायोग्रीन कंपनी ने शुरुआत में 25 टैंकों में रसायन भरने के लिए 12 कर्मी लगाए थे। मार्च 2026 में इनमें से आठ कर्मियों को हटा दिया गया। अब दक्षिणी क्षेत्र से पांडु नदी में गिर रहे नालों के किनारे लगे टैंकों को भरने का कार्य एक ही कर्मचारी कर रहा है। इसी तरह गंगा नदी में गिर रहे नालों के किनारे लगे टैंकों को भरने का कार्य तीन कर्मियों के जिम्मे है।

विज्ञापन

Kanpur Bioremediation Exists Only on Paper as Pandu and Ganga Rivers Continue to Deteriorate
पांडू नदी - फोटो : amar ujala

बायोरेमेडिएशन के नाम पर की जा रही गड़बड़ी की रेंडम चेकिंग कराऊंगा। रिपोर्ट के आधार पर कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी अमर उजाला में बायोरेमेडिएशन में कमियां उजागर होने पर बायोग्रीन कंपनी पर कार्रवाई की जा चुकी है।  -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed