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Kanpur: अगले साल बंद हो जाएगी बीआईसी और लाल इमली, ये रही पूरी जानकारी
Sat, 10 Dec 2022 08:43 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 10 Dec 2022 08:43 AM IST
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लाल इमली मिल
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन बीआईसी और इसकी इकाई लाल इमली अगले साल बंद हो जाएगी। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज डीपीई ने कपड़ा मंत्रालय से बंदी के संबंध में दूसरी और अंतिम रिपोर्ट मांगी है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। माना जा रहा है 2023 के वित्तीय वर्ष के पहले या बाद में (अप्रैल तक) इसे बंद कर दिया जाएगा। लाल इमली 146 साल पुरानी मिल है।
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बीआईसी की स्थापना अंग्रेजों ने की थी। 1856 को शहर में लाल इमली की नींव रखी गई थी। एक समय लाल इमली मिल में बनने वाले ब्लेजर, लोई की विश्वभर में धूम थी लेकिन अब यहां 2013 से उत्पादन बंद है। नीति आयोग ने 2017 में मिल बंदी के लिए कहा था। पिछले साल मिल बंदी के लिए प्रक्रिया तेज की गई थी।
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मिल बंदी के लिए डीपीई ने रिपोर्ट मांगी थी। जिसे कपड़ा मंत्रालय की ओर से भेजा गया था। इसमें मिल की देनदारियों, संपत्तियों, कानूनी मसलों, कर्मचारियों की स्थित व बीआईसी के अधीन आने वाली सभी मिलों के बारें में रिपोर्ट मांगी गई थी। दरअसल सरकारी इकाइयों की बंदी डीपीई के जरिये ही होती है। इसकी रिपोर्ट के बाद ही बंदी की जाती है।
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सूत्रों ने बताया कि डीपीई ने कुछ दिनों पहले अलग-अलग बिंदुओं पर कपड़ा मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी थी। जो अंतिम रिपोर्ट होगी। इसके मायने यह है कि रिपोर्ट जाने के कुछ महीनों बाद मिल बंदी की घोषणा कर दी जाए। इसमें कर्मचारियों के हितों पर भी राय और सुझाव मांगे गए हैं। सूत्रों के अनुसार बीआईसी की जमीनों पर आने वाले समय में टाउनशिप, कॉप्लेक्स, अस्पताल बन सकेंगे। हालांकि इनका निर्माण केडीए या नगर निगम के जरिये होगा।