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Kanpur: एनएसआई की नैनो ब्रीवरी में रागी, ज्वार से तैयार हो रही बियर
Wed, 05 Mar 2025 11:05 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 05 Mar 2025 11:05 PM IST
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बियर उत्पाद दिखातीं निदेशक प्रोफेसर सीमा परोहा व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
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नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट की नैनो ब्रीवरी में रागी और ज्वार से पोषक बियर तैयार की जा रही है। बुधवार को इंस्टीट्यूट की निदेशक प्रोफेसर सीमा परोहा ने नैनो ब्रीवरी का मुआयना किया। डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल फर्मेंटेशन एंड एल्कोहल टेक्नोलॉजी पाठयक्रम के तहत नैनो ब्रीवरी इकाई में स्ट्राबेरी, लेमन, ऑरेंज, चॉकलेट फ्लेवर में मिलेट से पोषक बीयर का निर्माण किया जा रहा है।
इस पाठ्यक्रम से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिस्टिलरी उद्योग में आसानी से सेवा के अवसर मिल जाते हैं। बताया गया कि हाल के दिनों में क्रॉफ्ट बियर उद्योग ने गति पकड़ी है। बियर की कई किस्में सामने आई हैं। चीनी युक्त कोई भी पदार्थ स्वाभाविक रूप से अल्कोहल फर्मेंटेशन से गुजर सकता है। पूरी दुनिया में 100 से अधिक बियर किस्मों का उत्पादन किया जाता है। निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने बताया कि संस्थान भारतीय मिलेट की किस्मों से बियर बनाने का प्रयास कर रहा है। शुरुआती तौर पर सफेद सॉरगम, लाल सॉरगम, पर्ल मिलेट, फिंगर मिलेट और बार्नयार्ड का उपयोग करके बियर बनाने की कोशिश है।
अल्कोहलिक पेय पदार्थों के उत्पादन के लिए मिलेट का प्रयोग लाभकारी है। यह स्वस्थ और ग्लूटेन-मुक्त होता है। अपने कच्चे रूप में, बाजरा आहार फाइबर और पॉलीफेनोल से भरपूर होता है। भारतीय मिलेट में कैल्शियम, आयरन आदि जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं ।
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इस पाठ्यक्रम से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिस्टिलरी उद्योग में आसानी से सेवा के अवसर मिल जाते हैं। बताया गया कि हाल के दिनों में क्रॉफ्ट बियर उद्योग ने गति पकड़ी है। बियर की कई किस्में सामने आई हैं। चीनी युक्त कोई भी पदार्थ स्वाभाविक रूप से अल्कोहल फर्मेंटेशन से गुजर सकता है। पूरी दुनिया में 100 से अधिक बियर किस्मों का उत्पादन किया जाता है। निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने बताया कि संस्थान भारतीय मिलेट की किस्मों से बियर बनाने का प्रयास कर रहा है। शुरुआती तौर पर सफेद सॉरगम, लाल सॉरगम, पर्ल मिलेट, फिंगर मिलेट और बार्नयार्ड का उपयोग करके बियर बनाने की कोशिश है।
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अल्कोहलिक पेय पदार्थों के उत्पादन के लिए मिलेट का प्रयोग लाभकारी है। यह स्वस्थ और ग्लूटेन-मुक्त होता है। अपने कच्चे रूप में, बाजरा आहार फाइबर और पॉलीफेनोल से भरपूर होता है। भारतीय मिलेट में कैल्शियम, आयरन आदि जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं ।
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