Kanpur: दो बसों से चर्च जा रहे थे 110 लोग, धर्मांतरण की सूचना पर पुलिस ने उतारा, दो पर रिपोर्ट
कानपुर में बजरंग दल व पुलिस ने उन्नाव की तरफ जा रही दो बसें रोक दीं। आरोप है कि दोनों बसों से करीब 110 लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए ले जाया जा रहा था।
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जबरन धर्मांतरण कराने के लिए दो बसों से लोगों को नवाबगंज उन्नाव की एक चर्च ले जाए जाने की सूचना पर पुलिस ने शनिवार देर रात गंगा बैराज पर चेकिंग अभियान चलाया। बसों को रोकने के बाद उनमें सवार 110 लोगों से नवाबगंज थाने लाकर पूछताछ की गई। इस दौरान एक युवक ने अपनी पत्नी समेत अन्य पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। पुलिस ने ईसाई धर्म के दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
दोनों आरोपियों को नोटिस देने के बाद सभी को थाने से छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि एक युवक के अलावा और किसी ने धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की शिकायत नहीं की है। हालांकि बाद में भी कोई इस संबंध में शिकायत करता है तो उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा।
शहर के रावतपुर, मसवानपुर, अर्मापुर और रतनपुर समेत कई इलाकों से बसों से लोगों को उन्नाव के नवाबगंज स्थित एबीसी चर्च ले जाया जा रहा था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की सूचना पर एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार ने देर रात करीब दो बजे बैराज पर भारी पुलिस फोर्स के साथ चेकिंग शुरू की। दो बसों को रोककर उसमें सवार लोगों को उतारकर थाने लाया गया। इन्हीं लोगों में से अर्मापुर इस्टेट निवासी संजय वाल्मीकि ने ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को धर्मांतरण का दबाव बनाने की सूचना दी थी।
मूलरूप से बदायूं निवासी संजय ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके परिवार में पत्नी संगीता, दो बेटे ऋषभ और ऋतिक हैं। उसके ससुर स्व. सरवन वाल्मीकि सेना से सेवानिवृत थे। बताया कि पत्नी, बेटे, सास गीता देवी व ससुराल के अन्य लोग कई साल पहले ही ईसाई धर्म अपना चुके हैं। संजय के मुताबिक अब ससुराल वाले उस पर भी ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि उनकी बात न मानने पर उसे जेल भी भिजवा दिया था। जमानत पर बाहर आया तो फिर से दबाव बनाने लगे। 50 हजार रुपये और इलाज कराने का लालच दिया गया।
नवाबगंज पुलिस ने संजय वाल्मीकि की तहरीर पर बस में सवार कल्याणपुर, आवास-विकास निवासी साइमन विलियम और नवाबगंज विष्णुपुरी निवासी दीपक मोरिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान थाने में आरोपियों के पक्ष से लोगों का हुजूम हंगामा करने लगा। पकड़े गए दीपक और नोयल को छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों को सीआरपीसी की धारा 141 का नोटिस देने के बाद छोड़ दिया गया। कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे लोगों व बसों को भी थाने से जाने दिया गया।
संजय ने पुलिस को बताया कि ये लोग दूसरे जिलों से आकर गरीब और दलित बस्तियों में रहने वाले लोगों कभी शादी का लालच, किसी को बीमारी दूर करने का, किसी को नौकरी का, तो किसी को विदेश यात्रा का लालच देते हैं। गिरोह गरीब और दलित बस्तियों के लोगों को रुपये देकर धर्मांतरण करा रहा है।
अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर करते हैं ब्रेनवॉश
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि शनिवार देर रात उन्नाव के मिड-वे चर्च में ईस्टर संडे का कार्यक्रम था। इसमें धार्मिक ग्रंथ बाइबिल को पढ़ा जाता है। कार्यक्रम समाप्त होने पर लोगों को उनके घर भेज दिया जाता है। बताया गया जो लोग ईसाई धर्म अपनाने के लिए तैयार हो जाते हैं, उन्हें चर्च ले जाने के बाद कार्यक्रम में शामिल किया जाता है। यहां वे लोग भी मिलते हैैं, जो नए लोगों को अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर उनका ब्रेनवॉश करते हैैं।
संजय वाल्मीकि की तहरीर पर धर्मांतरण कराने के आरोप में साइमन विलियम और दीपक मोरिस के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 की धारा-3 और धारा-5 (1) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद सीआरपीसी की धारा 141 नोटिस देकर थाने से छोड़ा गया है। - महेश कुमार, एसीपी कर्नलगंज
सीआरपीसी की धारा 141 में उन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है, जब पुलिस अधिकारी मजिस्ट्रेट ऑर्डर या वारंट के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकता है। वहीं धारा 141 ए में उन बातों का जिक्र है, जिनमें पुलिस अधिकारी के लिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के बजाय नोटिस दिए जाने का प्रावधान है। इसके अंतर्गत नोटिस जारी कर बांड भरवाया जाता है कि जानकारी लेने के लिए किसी भी समय पुलिस या कोर्ट आपको तलब कर सकती है। निर्धारित समय पर हाजिर होना पड़ेगा। हाजिर न होने पर आपके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिन लोगों को रोका गया, उन्हें चर्च नहीं बुलाया गया
चर्च में ईस्टर का कार्यक्रम चल रहा है। कानपुर पुलिस ने जिन लोगों को रोका, उन्हें इस चर्च में नहीं बुलाया गया था। वे कौन लोग हैं और कहां जा रहे थे, इसकी उन्हें जानकारी ही नहीं है।- राधेलाल, पादरी एबीसी चर्च, नवाबगंज उन्नाव
पुलिस ने भी कहा, धर्मांतरण जैसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ चर्च में
वहीं धर्मांतरण की सूचना पर हिंदू जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल द्विवेदी रात में ही अजगैन कोतवाली पहुंचे और चर्च में जांच की मांग की। इस पर अजगैन कोतवाली प्रभारी अवनीश सिंह पुलिस के साथ चर्च पहुंचे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि चर्च में ईस्टर पर प्रार्थना सभा हो रही थी। धर्मांतरण जैसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।