बात सेहत की: तीन महीने सिर्फ दाल-रोटी खाई…लिवर ने सेहत पाई, GSVM में 200 रोगियों पर किया गया शोध
Kanpur News: मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि लिवर के लिए मोटा अनाज सबसे अच्छा है। इनमें जरूरत भर के लिए कार्बोहाइड्रेट भी रहता है। मोटे अनाज के भोजन के साथ लाइफ स्टाइल में सुधार जरूरी है।
विस्तार
कानपुर में रोगियों ने दवा नहीं की, सिर्फ तीन महीने के लिए खानपान सामान्य किया और लिवर की सेहत सुधर गई। ग्रेड एक का फैटी लिवर स्वस्थ हो गया और ग्रेड तीन का फैटी लिवर ग्रेड एक में आ गया। फैटी लिवर के 200 रोगियों पर यह शोध जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में किया गया। शोध के अगुवा डॉ. विशाल कुमार गुप्ता ने बताया कि लिवर में सुधार के साथ रोगियों का मेटोबोलिज्म बेहतर हुआ।
इस बार विश्व लिवर दिवस पर भी यह थीम रखी गई कि भोजन को औषधि बनाएं, लिवर की सेहत सुधारें। डॉ. गुप्ता ने बताया कि यह नुस्खा रोगियों पर सिर्फ तीन महीने के लिए आजमाया गया। रोगियो की कैलोरी को नियंत्रित किया गया। सामान्य भोजन से जो कैलोरी मिलती है, उतनी ही रखी गई। साथ ही खाने का गैप बढ़ा दिया गया। रोगियों ने दो वक्त भोजन किया।
ग्रेड बदलने के साथ ही कैप स्कोर में आया फर्क
भोजन को पचने के लिए समय दिया गया। रोगियों ने सामान्य दाल, रोटी, सब्जी आदि ली। जरूरत भर के लिए कार्बोहाइड्रेट और रेशेवाली सब्जी ली। तीन महीने के बाद रोगियों की जांच कराई गई तो रिपोर्ट बदली हुई आई उन्होंने बताया कि फैटी लिवर का ग्रेड बदलने के साथ ही कैप स्कोर में फर्क आया। लिवर की जांच कैप स्कोर 250 से अधिक आना बीमारी का संकेत है।
बढ़ा हुआ एलएसएम स्कोर नीचे आया
70 फीसदी रोगियों का कैप स्कोर 200 के अंदर आ गया। इसके अलावा फाइब्रोस्कैन में एलएसएम पर भी फर्क पड़ा। रोगियों का बढ़ा हुआ एलएसएम स्कोर सामान्य सात के नीचे आ गया। उन्होंने बताया कि अगर व्यक्ति रसोई में पकने वाला सामान्य भोजन करे और जंक फूड, हाई कैलोरी डाइट से परहेज करे तो लिवर की सेहत बनी रहेगी।
मोटा अनाज लिवर की सेहत के लिए सबसे अच्छा
मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि लिवर के लिए मोटा अनाज सबसे अच्छा है। इनमें जरूरत भर के लिए कार्बोहाइड्रेट भी रहता है। मोटे अनाज के भोजन के साथ लाइफ स्टाइल में सुधार जरूरी है। रोज 30 मिनट रोज व्यायाम करें या फिर 45 मिनट पांच दिन हर सप्ताह में करें।