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Kanpur: वरिष्ठ क्लर्क के खिलाफ एंटी करप्शन ने दाखिल किया आरोपपत्र, 50 हजार घूस लेते गिरफ्तार हुआ था आरोपी
Sat, 22 Apr 2023 08:18 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 22 Apr 2023 08:18 AM IST
सार
बीते 17 मार्च को एंटी करप्शन की टीम ने नवाबगंज स्थित वन विभाग के कार्यालय में जाल बिछाकर विभाग के वरिष्ठ क्लर्क रामचंद्र को वन रक्षक प्रेमचंद्र सिंह से रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि क्लर्क रामचंद्र ने करोड़ों की काली कमाई की है। इस काली कमाई को उसने अपने ससुरालीजनों के नाम कानपुर, लखनऊ जैसे बड़े शहरों में संपत्ति खरीदकर निवेश किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में वन दरोगा से 50 हजार की घूस लेने वाले विभाग के वरिष्ठ क्लर्क रामचंद्र के खिलाफ विवेचक ने लखनऊ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। एंटी करप्शन टीम को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
बीते 17 मार्च को एंटी करप्शन की टीम ने नवाबगंज स्थित वन विभाग के कार्यालय में जाल बिछाकर विभाग के वरिष्ठ क्लर्क रामचंद्र को वन रक्षक प्रेमचंद्र सिंह से रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
वन रक्षक ने टीम को बताया था कि उनको घरेलू काम के लिए एरियर के 10 लाख रुपयों की आवश्यकता थी। सरकारी खाते से रुपये उनके खाते में डलवाने के लिए क्लर्क ने रिश्वत मांगी थी। एंटी करप्शन में शिकायत होने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लर्क के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाने से मुकदमा एंटी करप्शन विभाग में स्थानांतरण किया गया, जिसके बाद विवेचक ने जांच की।
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बीते 17 मार्च को एंटी करप्शन की टीम ने नवाबगंज स्थित वन विभाग के कार्यालय में जाल बिछाकर विभाग के वरिष्ठ क्लर्क रामचंद्र को वन रक्षक प्रेमचंद्र सिंह से रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
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वन रक्षक ने टीम को बताया था कि उनको घरेलू काम के लिए एरियर के 10 लाख रुपयों की आवश्यकता थी। सरकारी खाते से रुपये उनके खाते में डलवाने के लिए क्लर्क ने रिश्वत मांगी थी। एंटी करप्शन में शिकायत होने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लर्क के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाने से मुकदमा एंटी करप्शन विभाग में स्थानांतरण किया गया, जिसके बाद विवेचक ने जांच की।
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जांच में पता चला कि क्लर्क रामचंद्र ने इसी तरह से करोड़ों की काली कमाई की है। इस काली कमाई को उसने अपने ससुरालीजनों के नाम कानपुर, लखनऊ जैसे बड़े शहरों में संपत्ति खरीदकर निवेश किया है। जब उनके बैंक खाते जांचे गए तो उसमें भी आय से अधिक की कमाई की पुष्टि हुई। आरोपपत्र में आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्यों को शामिल किया गया है। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार क्लर्क को कोर्ट से सजा दिलाने के लिए विभाग के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। वह वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद है।