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Kanpur : आशंका और अफवाहों के बीच पेट्रोल-डीजल के लिए मारामारी, शहर के पंपों पर उमड़ी भीड़, कई जगह हंगामा

Wed, 03 Jan 2024 12:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 03 Jan 2024 12:11 AM IST
सार

गैस सिलिंडर, दूध और सब्जी की आपूर्ति भी बाधित हो गई। पेट्रोल और डीजल के लिए तो सुबह से ही मारामारी शुरू हो गई। 

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Kanpur: Amidst apprehensions and rumours, there is a fight for petrol and diesel.
पंपों पर लगी भीड़... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिट एंड रन कानून के खिलाफ चालकों की हड़ताल से उपजी आशंकाओं के बीच मंगलवार को पेट्रोल पंपों पर भीड़ उमड़ पड़ी। साथ ही गैस सिलिंडर, दूध और सब्जी की आपूर्ति भी बाधित हो गई। पेट्रोल और डीजल के लिए तो सुबह से ही मारामारी शुरू हो गई। कई स्थानों पर पुलिस को दखल देना पड़ा। शहर के 139 पेट्रोल पंपों में से 25 पर स्टॉक शाम तक खत्म हो गया। 

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बाकी के पास भी सिर्फ एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा। हरी सब्जियों और दूध सहित आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी लड़खड़ा गई। 30 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों में कच्चे माल का संकट खड़ा हो गया, जबकि अन्य इकाइयों में तैयार माल पड़ा रह गया। दो दिन में 900 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
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उधर, पनकी डिपो के बाहर पेट्रोल डीजल के टैंकर खड़े रहे। इक्का-दुक्का पेट्रोल पंपों के पास ही पेट्रोल-डीजल पहुंच पाया। विजय नगर में सिर्फ इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर ही पेट्रोल मिला। रामादेवी चौराहे पर स्थित पेट्रोल पंप पर दोपहर दो बजे ही पेट्रोल खत्म हो गया। कृष्णानगर के गोपी पेट्रोल पंप पर भीड़ इतनी बढ़ी कि हंगामा शुरू हो गया। बाद में पुलिस लगानी पड़ी। संकट की आशंका को लेकर पेट्रोल पंप संचालक पनकी स्थित इंडियन ऑयल डिपो पहुंचे और अधिकारियों से बात की।
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एजेंसियों में गैस सिलिंडर खत्म होने के कगार पर
चक्काजाम की वजह से पनकी स्थित एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से ट्रक रवाना नहीं हो सके। एलपीजी वितरण संघ के अध्यक्ष भारतीश मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को गोदाम से सिर्फ 10 ट्रक ही निकल पाए। रोजाना 25 हजार सिलिंडर की सप्लाई होती है।

साया, मेथी, बथुआ हुआ 60 रुपये प्रति किलो
चकरपुर मंडी और सीपीसी माल गोदाम में मंगलवार को लोडिंग-अनलोडिंग का काम नहीं हुआ। चकरपुर मंडी में 50-60 की जगह सिर्फ 10-12 ट्रक मटर ही आई। टमाटर, करेला, भिंडी, गाजर की आपूर्ति घट गई। सभी के दाम बढ़ गए। 25 से 30 रुपये किलो बिक रही सोया, मेथी व बथुआ के दाम तो 60 रुपये किलो तक पहुंच गए।


दूध सप्लाई पर असर
ट्रकों की हड़ताल का असर शहर की दूध सप्लाई पर भी पड़ा। हड़ताल के कारण सवेरे शहर के अधिकांश रिटेल ठिकानों पर दूध की सप्लाई सुचारू रूप से नहीं हो पाई जिसके कारण लोगों को परेशान और मायूस होना पड़ा। 

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