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कानपुर: ढाई साल बाद आए अच्छे दिन, चली कोलकाता फ्लाइट, 34 यात्री कोलकाता से आए तो 45 शहर से हुए रवाना
Sat, 28 Aug 2021 02:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 28 Aug 2021 02:35 AM IST
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हवाई जहाज
- फोटो : पेक्सेल्स
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कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट से शुक्रवार से कोलकाता की सीधी फ्लाइट शुरू हो गई। ढाई साल बाद यह फ्लाइट दोबारा शुरू हुई है। 90 सीटर विमान से पहले दिन 34 यात्री चकेरी एयरपोर्ट पर उतरे तो 45 यात्रियों ने कोलकाता की सीधी उड़ान भरी।
फ्लाइट के शुरू होने पर लेदर और होजरी उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अब कानपुर के लोगों को कोलकाता जाने के लिए अमौसी नहीं जाना पड़ेगा। साल 2019 में कानपुर से कोलकाता और बंगलूरू की फ्लाइटें बंद हो गई थीं। बोइंग विमान में परेशानी होने की वजह से दोनों फ्लाइट बंद हुई थीं।
पिछले साल इन फ्लाइटों को शुरू कराने की योजना बनाई गई लेकिन लॉकडाउन की वजह से संभव नहीं हो सका। स्पाइसजेट की फ्लाइट शुक्रवार को शुरू हुई तो सीआईएसएफ के जवान से लेकर आगमन और प्रस्थान कक्ष के बाहर भीतर तैनात स्टाफ सतर्क रहा।
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फ्लाइट के शुरू होने पर लेदर और होजरी उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अब कानपुर के लोगों को कोलकाता जाने के लिए अमौसी नहीं जाना पड़ेगा। साल 2019 में कानपुर से कोलकाता और बंगलूरू की फ्लाइटें बंद हो गई थीं। बोइंग विमान में परेशानी होने की वजह से दोनों फ्लाइट बंद हुई थीं।
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पिछले साल इन फ्लाइटों को शुरू कराने की योजना बनाई गई लेकिन लॉकडाउन की वजह से संभव नहीं हो सका। स्पाइसजेट की फ्लाइट शुक्रवार को शुरू हुई तो सीआईएसएफ के जवान से लेकर आगमन और प्रस्थान कक्ष के बाहर भीतर तैनात स्टाफ सतर्क रहा।
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नौ मिनट पहले आई और 10 मिनट पहले रवाना
कोलकाता की फ्लाइट निर्धारित समय दोपहर दो बजे से नौ मिनट पहले चकेरी एयरपोर्ट पर आई और निर्धारित उड़ान के समय ढाई बजे से 10 मिनट पहले निकल गई। जिन 45 यात्रियों ने बुकिंग कराई थी, वे सभी एयरपोर्ट पहुंच गए थे। इसलिए यात्रियों की सहमति से उड़ान 10 मिनट पहले चली गई। अगर एक भी यात्री छूटता तो विमान दोपहर ढाई बजे ही उड़ान भरता।
महीने में 10 से 15 दिन कोलकाता में रहना होता है। काफी समय से कोलकाता की सीधी फ्लाइट का इंतजार कर रहा था। शुक्रवार को कानपुर आना था। जब पता चला कि कोलकाता से कानपुर को सीधी फ्लाइट है तो टिकट बुक करा लिया। लखनऊ से रोजाना चार फ्लाइटें कोलकाता के लिए हैं।
जावेद इकबाल, चर्म उद्यमी, जाजमऊ
मेरी ससुराल किदवई नगर और मायका कोलकाता है। आना जाना लगा रहता है। पहले कानपुर से लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे जाना होता था। पहले निकलना और पहले पहुंचने के चक्कर में तीन से चार घंटे बर्बाद होते थे। अब सीधी फ्लाइट होने से बहुत आसानी होगी। प्रार्थना है कि यह फ्लाइट अब बंद न हो।
दीपा दीक्षित, किदवई नगर
कोलकाता की फ्लाइट निर्धारित समय दोपहर दो बजे से नौ मिनट पहले चकेरी एयरपोर्ट पर आई और निर्धारित उड़ान के समय ढाई बजे से 10 मिनट पहले निकल गई। जिन 45 यात्रियों ने बुकिंग कराई थी, वे सभी एयरपोर्ट पहुंच गए थे। इसलिए यात्रियों की सहमति से उड़ान 10 मिनट पहले चली गई। अगर एक भी यात्री छूटता तो विमान दोपहर ढाई बजे ही उड़ान भरता।
महीने में 10 से 15 दिन कोलकाता में रहना होता है। काफी समय से कोलकाता की सीधी फ्लाइट का इंतजार कर रहा था। शुक्रवार को कानपुर आना था। जब पता चला कि कोलकाता से कानपुर को सीधी फ्लाइट है तो टिकट बुक करा लिया। लखनऊ से रोजाना चार फ्लाइटें कोलकाता के लिए हैं।
जावेद इकबाल, चर्म उद्यमी, जाजमऊ
मेरी ससुराल किदवई नगर और मायका कोलकाता है। आना जाना लगा रहता है। पहले कानपुर से लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे जाना होता था। पहले निकलना और पहले पहुंचने के चक्कर में तीन से चार घंटे बर्बाद होते थे। अब सीधी फ्लाइट होने से बहुत आसानी होगी। प्रार्थना है कि यह फ्लाइट अब बंद न हो।
दीपा दीक्षित, किदवई नगर