कानपुर: एक्टिवेटेड बॉयोचार बनाने में एनएसआई को मिली सफलता, बढ़ाएगा चीनी की गुणवत्ता
एनएसआई के वैज्ञानिकों ने गन्ने की खोई से एक्टिवेटेड बॉयोचार तैयार किया है। प्रोफेसर नरेंद्र मोहन ने बताया कि बॉयोचार कोयले की तरह होता है। इससे चीनी की गुणवत्ता बढ़ सकेगी।
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एनएसआई के निदेशक प्रोफेसर नरेंद्र मोहन ने बताया कि बॉयोचार कोयले की तरह होता है। उसके अंदर सोखने की शक्ति अधिक होती है। इसे गन्ने के रस में डालने से उसकी गंदगी सोख लेता है। साथ ही जो तत्व गन्ने के रस के रंग को खराब करते हैं, उन्हें भी सोख लेता है। इससे चीनी की गुणवत्ता और रंग और अधिक बेहतर हो जाता है।
उन्होंने बताया कि चीनी मिलों से निकलने वाले गंदे पानी के शोधन में भी एक्टिवेटेड बॉयोचार का उपयोग किया जा सकता है। पानी के शोधन में लोग इसका उपयोग कर सकते हैं। एक्टिवेटेड बॉयोचार की खासियतों को प्रयोगशाला में परख लिया गया है। परीक्षण के बाद इसकी सोखने की क्षमता का खुलासा हुआ है।