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Kanpur: रिमझिम इस्पात से 42 लाख की ठगी, माल लेकर भुगतान नहीं कर रहे ओडिसा के कारोबारी
Sat, 06 Jul 2024 10:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 06 Jul 2024 10:43 PM IST
सार
Kanpur News: रिमझिम इस्पात से 42 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। कंपनी के मैनेजर ने ब्याज समेत 53 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मेसर्स रिमझिम इस्पात लिमिटेड से पिछले साल 42 लाख रुपये से अधिक का माल लेने के बाद ओडिसा के दो कारोबारी भुगतान नहीं कर रहे हैं। कंपनी के मैनेजर राहुल सूद ने पुलिस कमिश्नर के आदेश पर नवाबगंज थाने में 53.17 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि कारोबारियों ने वादा किया था कि देरी से भुगतान करने पर 24 प्रतिशत ब्याज भी देंगे।
राहुल सूद ने बताया कि उनकी कंपनी स्टेनलेस स्टील के उत्पाद बनाकर विक्रय करती है। राहुल के अनुसार पिछले साल ओडिसा के भुवनेश्वर बोमिखाल की कंपनी मेसर्स रेडान स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनुराग पांडा और राकेश कुमार जेना ने व्यापार के सिलसिले में उनसे संपर्क किया था। उस दौरान कंपनी के निदेशकों ने माल की सप्लाई होते ही भुगतान का आश्वासन दिया था। शर्ताें के अनुसार भुगतान में देरी होने पर ब्याज भी देने की बात कही थी।
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राहुल सूद ने बताया कि उनकी कंपनी स्टेनलेस स्टील के उत्पाद बनाकर विक्रय करती है। राहुल के अनुसार पिछले साल ओडिसा के भुवनेश्वर बोमिखाल की कंपनी मेसर्स रेडान स्टील प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनुराग पांडा और राकेश कुमार जेना ने व्यापार के सिलसिले में उनसे संपर्क किया था। उस दौरान कंपनी के निदेशकों ने माल की सप्लाई होते ही भुगतान का आश्वासन दिया था। शर्ताें के अनुसार भुगतान में देरी होने पर ब्याज भी देने की बात कही थी।
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इसके बाद उन्होंने अनुराग पांडा और राकेश कुमार जेना के कहने पर 42 लाख, 05 हजार, 770 रुपये का माल भेज दिया था। इस तरह ब्याज सहित वर्तमान में 53 लाख, 17 हजार, 13 रुपये का बकाया हो गया है। उन्होंने रुपये मांगे तो निदेशकों ने टालमटोल शुरू कर दिया। दबाव बनाने पर रुपये देने से इन्कार करते हुए गालीगलौज की। अब फोन भी नहीं उठा रहे।
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न कॉल का जवाब, न ईमेल का दिया उत्तर
स्टील कारोबारी ने बताया कि रुपये के भुगतान के लिए उन्होंने उनके पीएनटी नंबर पर कॉल किया। कोई रिस्पांस न मिलने पर उनके कार्यालय के पते पर डाक एवं ईमेल द्वारा रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन आज तक उसका जवाब नहीं मिला।
स्टील कारोबारी ने बताया कि रुपये के भुगतान के लिए उन्होंने उनके पीएनटी नंबर पर कॉल किया। कोई रिस्पांस न मिलने पर उनके कार्यालय के पते पर डाक एवं ईमेल द्वारा रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन आज तक उसका जवाब नहीं मिला।